
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने औद्योगिक बिजली उपभोक्ताओं के हक में एक महत्वपूर्ण निर्णय (Decision) लिया है। आयोग ने रायपुर की एक प्रमुख स्टील कंपनी को ओपन एक्सेस (Open Access) के जरिए बिजली लेने के लिए अलग से ‘डेडिकेटेड फीडर’ की अनिवार्यता से छूट (Exemption) दे दी है। इस फैसले से अब उद्योगों के लिए बाहरी स्रोतों से सस्ती बिजली लेना और भी आसान (Simplified) हो जाएगा।
क्या है पूरा मामला? (The Case Overview)
रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित मेसर्स श्री हनुमान लोहा प्राइवेट लिमिटेड ने आयोग के समक्ष एक याचिका (Petition) (याचिका संख्या 26 of 2026) दायर की थी। कंपनी अपने बेमेतरा स्थित वेस्ट हीट रिकवरी बॉयलर (WHRB) प्लांट से उत्पादित बिजली का उपयोग अपने उरला प्लांट में करना चाहती थी। वर्तमान नियमों के अनुसार, इसके लिए एक अलग समर्पित लाइन (Dedicated Feeder) की आवश्यकता थी, जिसे कंपनी ने व्यावहारिक नहीं बताया था।
आयोग ने क्यों दी मंजूरी? (Reason for Approval)
आयोग के सदस्यों, विवेक गणोदवाले (Member Law) और अजय कुमार सिंह (Member Technical) की पीठ ने मामले की सुनवाई की। आयोग ने पाया कि चूंकि बिजली की मात्रा कम है, इसलिए अलग फीडर बनाना तकनीकी रूप से व्यवहार्य नहीं है। फलस्वरूप, CSERC (Connectivity and Intra-State Open Access) Regulations, 2011 के प्रावधानों के तहत कंपनी को इस शर्त से छूट दे दी गई।
उद्योगों को इन शर्तों का करना होगा पालन (Terms and Conditions)
हालांकि, यह राहत कुछ तकनीकी शर्तों (Technical Conditions) के साथ दी गई है:
- स्मार्ट मीटरिंग: कंपनी को ABT मीटर, AMR सुविधा और डेटा संचार के लिए RTU उपकरण लगाने होंगे।
- डेटा कनेक्टिविटी: बिजली खपत और आपूर्ति की रियल-टाइम जानकारी सीधे SLDC (State Load Despatch Centre) को भेजनी होगी।
- कोई दावा नहीं: यदि कॉमन फीडर में कोई खराबी या मेंटेनेंस (Maintenance) आता है, तो कंपनी बिजली आपूर्ति बाधित होने पर कोई दावा नहीं कर सकेगी।
- लोड प्रतिबंध: आवश्यकता पड़ने पर बिजली वितरण कंपनी (CSPDCL) लोड पर प्रतिबंध (Load Restriction) लगा सकती है।
विशेषज्ञों की राय (Expert Analysis)
इस फैसले को छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास के लिए एक सकारात्मक कदम (Positive Step) माना जा रहा है। इससे उन छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs) को लाभ होगा जो अपने दूरस्थ प्लांट से बिजली लाना चाहते हैं लेकिन भारी निवेश के कारण अलग फीडर नहीं बना पाते।
CSERC Order 2026, Chhattisgarh Electricity News, Dedicated Feeder Exemption, Urla Industrial Area, CSPDCL Open Access






