CSIC रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति का इंतजार शीघ्र ही खत्म होने वाला है। सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार करीब तीन साल से खाली राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर अक्टूबर में नियुक्ति का आदेश जारी हो सकता है।
बताते चलें कि राज्य में मुख्य सूचना आयुक्त के साथ ही सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की भी प्रक्रिया चल रही है। मुख्य सूचना आयुक्त और आयुक्त के चयन के लिए आवेदन और साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी हो गई है। नियुक्ति के लिए बनी कमेटी ने नाम भी फाइनल कर लिया है।
राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त के पद के लिए 33 और सूचना आयुक्त के पद के लिए 51 लोगों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। इनमें पूर्व नौकरशाह, सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार और आयोग पूर्व आयुक्त शामिल हैं।
राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त के लिए जिन लोगों को प्रबल दावेदार माना जा रहा है उनमें सबसे पहला नाम आईएएस अमिताभ जैन का है। जैन राज्य के मुख्य सचिव हैं और 30 सितंबर को उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है। पूर्व डीजीपी अशोक जुनेजा इस पद के दूसरे प्रमुख दावेदार हैं। जैन और जुनेजा एक ही बेच के हैं। इनके अलावा पूर्व आईएएस संजय कुमार अलंग, त्रिलोकचंद महावर और उमेश कुमार अग्रवाल का भी नाम सूची में है।
सेवानिवृत्त डीजीपी अशोक जुनेजा का राज्य का मुख्य सूचना आयुक्त बनना लगभग तय है। बताया जा रहा है कि अमिताभ जैन की वजह से जुनेजा का मामला अटका हुआ है, लेकिन जैन को अब राज्य विद्युत नियामक आयोग का अध्यक्ष बनाया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो जुनेजा के लिए मुख्य सूचना आयुक्त बनने का रास्ता साफ हो जाएगा।
राज्य विद्युत नियामक आयोग और मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्ति का आदेश अक्टूबर में अंत या नवंबर के पहले सप्ताह में जारी हो सकता है।
छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग की स्थापना 2005 में हुई थी। सेवानिवृत्त आईएएस एके विजयवर्गीय राज्य के पहले मुख्य सूचना आयुक्त बनाए गए। विजयवर्गीय नवंबर 2010 तक इस पद पर थे।
सेवानिवृत्त आईएएस सरजियस मिंज को 2011 में राज्य का मुख्य सूचना आयुक्त बनाया गया, उनका कार्यकाल 2016 तक रहा।
राज्य के तीसरे मुख्य सूचना आयुक्त भी सेवानिवृत्त आईएएस थे। एमके राउत को राज्य का तीसरा मुख्य सूचना आयुक्त बनाया गया। राउत 2017 से 2022 तक पद पर रहे।