
CSPC रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी बिजली कंपनी के अफसरों को अवमानना के मामले में हाईकोर्ट में पेश होना पड़ सकता है। यह संभावना इस वजह से व्यक्त की जारी है क्योंकि कंपनी के ही कुछ मौजूदा और सेवानिवृत्त स्टाफ केस दाखिल करने के लिए वकीलों से सलाह ले रहे हैं। कहा जा रहा है कि यदि हाईकोर्ट में याचिका दाखिल होती है तो इससे कई अफसर संकट में पड़ जाएंगे, क्योंकि उन्हें व्यक्तिगत रुप से कोर्ट में जवाब देना पड़ेगा।
यह है पूरा मामला
यह पूरा मामला बिजली कंपनियों में पदोन्नति से जुड़ा है। बिजली कंपनियों पदोन्न्ति को लेकर हाईकोर्ट का फैसला आ चुका है। आरोप है कि कंपनी प्रबंधन आदेश का पालन करने की बजाय उसे बाईपास कर रहा है। इसकी वजह से सैकड़ों स्टाफ को अब तक पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्टाफ के ऐसे ही लोग हाईकोर्ट जाने की तैयारी में है।
CSPC जानिए- क्यों लग रहा है यह आरोप
अभियंता कल्याण संघ के अध्यक्ष इंजीनियर एनआर छीपा ने बताया कि 2004 से 2019 तक पहले बिजली बोर्ड और फिर बिजली कंपनियों में पदोन्नति में आरक्षण दिया जा रहा था। हाईकोर्ट ने इसे गलत ठकराया है। इस पर 16 अप्रैल 2024 को हाईकोर्ट अपना अंतिम निर्णय सुना दिया है।
इंजीनियर छीपा के अनुसार हाईकोर्ट ने आरक्षण के आधार पर पदोन्नत किए गए लोगों का प्रमोशन रिवर्ट करने और ग्रेडेशन सूची के हिसाब से प्रमोट करने का स्पष्ट आदेश दिया है। हाईकोर्ट का आदेश बिल्कुल स्पष्ट है, इसके बावजूद कंपनी ने इसके पालन के लिए कमेटी बनाई है। दिसंबर 2024 में बनी कमेटी को तीन महीने में रिपोर्ट देना था, लेकिन कमेटी की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। यह सीधे- सीधे हाईकोर्ट के आदेश का पालन करने से बचने की कोशिश की जा रही है।
कंपनी का दावा चरणबद्ध लागू कर रहे हैं आदेश
इसी सप्ताह (23 जुलाई) इस मामले में कंपनी की तरफ से एक आदेश जारी किया गया है। इसमें हाईकोर्ट के आदेश को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का दावा किया गया है। आदेश में यह भी बताया गया है कि पहले चरण में 23 जून 2004 की स्थिति में रिक्त पदों पर पदोन्नति की गई है। इसके साथ ही कंपनी ने सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके पदोन्नति से वंचित स्टाफ को सेवानिवृत्ति के तीन महीने पहले प्रमोशन देने का फैसला किया है। कंपनी की तरफ से ऐसे लोगों की एक सूची भी जारी की गई है।
दिसंबर तक 25 लोग किए जाएंगे प्रमोट
सेवानिवृत्ति से तीन महीने पहले प्रमोट किए जाने वालों की कंपनी ने एक सूची जारी की है। इसमें दिसंबर तक कुल 25 लोगों को प्रमोट किया जाएगा। इसमें जुलाई में नौ, अगस्त में तीन, सितंबर और नवंबर में पांच-पांच व दिसंबर में तीन नाम शामिल है।
इस साल सैकड़ों लोगों को मिला प्रमोशन
बताते चलें कि दिसंबर 2024 के बाद से कंपनी में बड़े पैमाने पर प्रमोशन आर्डर जारी किए गए हैं। इनमें इंजीनियर से लेकर विभिन्न श्रेणी के कर्मचारी भी शामिल हैं। इसके बावजूद मामले में अब भी कई पेंच फंसे हुए है।
CSPC कोई हल्ला नहीं मचा रहा, क्योंकि…
हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने से सबसे ज्यादा दुखी कंपनी के वो स्टाफ हैं जो सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच गए हैं और प्रमोशन नहीं मिला है। दूसरे वे लोग जिन्हें पदोन्नति का पूरा लाभ नहीं और वे सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वहीं, आदेश का आक्षरश: पालन होने की स्थिति में बड़े पदों पर बैठे कई लोगों को डिमोट करना पड़ेगा। इसी वजह से कोई हल्ला नहीं कर रहा है।
हम जाएंगे हाईकोर्ट

इंजीनियर छीपा का कहना है कि इस मामले में हाईकोर्ट का आदेश एकदम स्पष्ट है, उसके पालन के लिए कोई समिति या कुछ और करने की जरुरत ही नहीं है। इसके बावजूद आदेश के पालन में हिलाहवाला किया जा रहा है। यह सीधे-सीधे हाईकोर्ट की अवमानना है। हम इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ताओं से सलाह कर रहे हैं, इस मामले में कंपनी प्रबंधन की बजाय उन अफसरों को पार्टी बनाया जाएगा, जिन पर इस आदेश के पालन करने की जिम्मेदारी है। शीघ्र ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।





