
CSPC रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी बिजली कंपनी के मैदानी कार्यालय पूरी तरह मनमानी पर अमादा हैं। यहां तक की कंपनी मुख्यालय के पत्रों को भी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
इसका असर आम उपभोक्ताओं के साथ कंपनी के स्टाफ पर भी पड़ रहा है। कार्यालय/वृत्त / क्षेत्रीय कार्यालय की उदासीनता के कारण सेवानिवृत्त कर्मचारी को पेंशन नहीं मिल पा रहा है, जबकि पूर्व कर्मचारी 13 साल से भुगतान के लिए भटक रहा है।
इस मामले में अखिल भारतीय विद्युत सेवानिवृत्त कर्मचारी महासंघ के महामंत्री अरुण देवांगन ने बिजली कंपनियों के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव से लिखित शिकायत की है।
चार महीने से पेंशन के लिए भटक रहा है सेवानिवृत्त भृत्य
जगदलपुर क्षेत्र के दंतेवाड़ा प्रोजेक्ट संभाग से इसी साल मई में सेवानिवृत्त हुए भृत्य जोगू राम भास्कर भुगतान के लिए भटक रहे हैं। श्री देवांगन ने बताया कि पीड़ित कर्मचारी ने मुझे संपर्क किया और बताया कि वह दंतेवाडा जगदलपुर कार्यालयों के कई चक्कर लगा चुका है, लेकिन भुगतान नहीं हो रहा है।

CSPC अप्रैल में मांगी गई जानकारी, अब नहीं अप्राप्त
इस संबंध में मानव संसाधन विभाग में सम्पर्क करने पर पता चला कि कर्मचारी का अवकाश स्वीकृति प्रकरण भेजा गया था जिसे मानव संसाधन विभाग ने अप्रेल 2025 में ही वांछित जानकारियां मांगते हुए वापस कर दिया था. मुख्यालय द्वारा चाही गई जानकारियां चार माह का लंबा समय व्यतीत हो जाने के बाद भी भेजा नहीं जा सका है, जिससे अवकाश स्वीकृति प्रकरण निराकृत नहीं किया जा सका है।
सेटलमेंट अलाउंस भी नहीं दिया गया
श्री देवांगान ने कहा कि यह स्थिति संबंधित कार्यालयों की उदासीनता का प्रत्यक्ष उदाहरण है। फलस्वरूप कर्मचारी का न तो पेंशन प्रकरण बनाया गया है और न ही कोई अन्य। यहां तक कि सेटलमेंन्ट अलाउंस तक भी नहीं दिए जाने की जानकारी मिली है। पिछले लगभग 15 दिनों से संबंधितों से लगातार मोबाईल पर संपर्क करने पर भी आज-कल प्रकरण भेजे जाने का आश्वासन मात्र दिया जा रहा है लेकिन फाईल आगे नहीं बढ़ रही है।
CSPC 13 साल से भुगतान के लिए भटक रहा पूर्व कर्मी
इसी तरह एक मामला बिलासपुर क्षेत्र का है। वहां शहर संभाग पूर्व बिलासपुर में परिचारक श्रेणी 3 के पद पर कार्यरत रामायण नायक कार्य से लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के कारण कार्यपालन यंत्री, नगर संभाग पूर्व बिलासपुर के आदेश 31 मई 2012 को सेवा बाहर कर दिया गया। इस प्रकरण में संबंधित कर्मचारी को भविष्य निधि खाते में जमा राशि का भुगतान किया जाना चाहिए था लेकिन आज 13 वर्ष बीत जाने के बाद भी ऐसा नहीं किया गया है।

तीन महीने बाद भी क्षेत्रीय कार्यालय से नहीं आया जवाब
श्री देवांगन ने बताया कि मानव संसाधन विभाग ने करीब 3 माह पहले (मई 2025) में बिलासपुर क्षेत्रीय कार्यालय को नोट शीट भेजकर भुगतान नहीं किए जाने के कारणों की जानकारी मांगी है, लेकिन वहां से आज तक न तो जवाब आया है और न ही संबंधित व्यक्ति को राहत ही प्रदान किया गया है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि मैदानी कार्यालय मुख्यालय के निर्देशों का भी परवाह नहीं करते और जवाब देना भी जरूरी नहीं समझते ।
गलत पत्र के कारण अटका है पूरा मामला
श्री देवांगन ने इस संबंध में अभियंता बिलासपुर एवं कल्याण अधिकारी बिलासपुर से संपर्क कर त्वरित कार्यवाही के लिए निवेदन किया। पता चला कि पीडित व्यक्ति को भविष्य निधि राशि का भुगतान करने के लिए वित्त कार्यालय भेजने के बजाय वेतन मद में लगभग 39000 रुपए का अधिक भुगतान बताते हुए पहले इसे जमा करने के लिए सूचना पत्र जारी किया गया है, जो कि एकदम अनुचित और अमानवीय कृत्य है।
श्री देवांगन ने कहा कि होना तो यह चाहिए था कि भविष्य निधि अंतिम भुगतान प्रकरण बनाते हुए अधिक दी गई राशि की कटौती के लिए प्रस्ताव बनाया जाता लेकिन मामले को लटकाने के लिए ऐसा किया जा रहा है जो कि पूर्णतया अनुचित है ।
अध्यक्ष से हस्तक्षेप की मांग श्री देवांगन ने पावर कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव को पत्र लिखकर दोनों मामलों में जल्द भुगतान कराने का आग्रह किया है। साथ ही इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी पर कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करते हुए अगस्त 2025 में भविष्य निधि अंतिम भुगतान प्रदान करने के कड़े निर्देश देने का आग्रह किया गया है।




