CSPC रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी विद्युत कंपनी के पेंशनर अनदेखी किए जाने से आहत हैं। इस संबंध में उन्होंने पावर कंपनियों के दोनों अध्यक्षों को पत्र लिखकर अपना दर्द व्यक्त किया है। साथ ही भविष्या में पेंशनरों के हितों का भी ध्यान रखने का आग्रह किया है।
दरअसल, पूरा मामला त्योहार से पहले पेंशन भुगतान से जुड़ा है। बता दें कि सरकार ने निगम मंडल समेत सभी शासकीय सेवकों को दीपावली से पहले अक्टूबर का वेतन भुगतान करने का आदेश जारी किया था। इस आदेश के बाद विद्युत कंपनी के इंजीनियरों, अफसरों और कर्मचारियों को भी समय से पहले वेतन भुगतान कर दिया गया, लेकिन पेंशनरों की अनदेखी कर दी गई।
छत्तीसगढ़ विद्युत सेवानिवृत्त कर्मचारी अधिकारी संघ (महासंघ) के प्रदेश महामंत्री पुनारद राम साहू ने इस संबंध में अध्यक्ष को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि पावर कंपनीज में कार्यरत कर्मचारियों को अक्टूबर 2025 का वेतन दीपावली पूर्व प्रदान करने के लिए आदेश जारी किया गया था। इस तरह के त्वरित निर्णय का संगठन प्रशंसा करते हुए आभार प्रगट करता है।
महामंत्री श्री साहू ने लिखा है कि सेवानिवृत्त महासंघ के पदाधिकारियों को जैसे ही इस आदेश की जानकारी हुई, तो इसमें सेवानिवृत्तों की अनदेखी किए जाने पर क्षोभ भी हुआ और तत्काल प्रतिनिधिमंडल ने आपकी अनुपस्थिति में प्रबंध निदेशक ट्रांसमिशन क से भेंटकर सेवानिवृत्तों को दीपावली पूर्व पेंशन प्रदान करने के लिए निवेदन किया जिस पर तत्काल आपसे संपर्क कर इस पर निर्णय लिए जाने के लिए आश्वस्त किया गया। लेखा कार्यालयों द्वारा भी पेंशनर अकाउट अपडेट कर लिया गया था। मात्र आदेश प्राप्त होने पर 18 अक्टूबर शनिवार को भुगतान करने की तैयारी भी थी ।
उन्होंने लिखा है कि खेद का विषय है कि जहां एक ओर राज्य सरकार द्वारा अपने आदेश में निगम / मंडल / आयोग को अपनी वित्तीय स्थिति अनुसार इस पर निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र किया गया था। अर्थात इसकी कोई बाध्यता नहीं थी, तथापि संघ की जानकारी अनुसार पावर कंपनीज द्वारा दीपावली पूर्व वेतन का भुगतान करने के लिए फण्ड की व्यवस्था बैंकों से ब्याज पर ऋण लेकर किया गया है। वहीं सेवानिवृत्तों को पेंशन का भुगतान ट्रस्ट के माध्यम से आसानी से किया जा सकता था जिस पर पावर कंपनी को कोई अतिरिक्त भार नहीं पडना था। यदि कंपनी इस संबंध में त्वरित निर्णय लेती, तो सेवानिवृत्तों व परिजनों के चेहरे पर त्यौहार की प्रसन्नता दुगनी हो जाती ।
महासंघ आपसे पुनः निवेदन करता है कि भविष्य में पावर कंपनी द्वारा लिए जाने वाले सभी तरह के निर्णयों में सेवानिवृत्तों के हितों का भी ध्यान रखा जाए, ताकि समानता के सिद्धांत का पालन हो सके ।