CSPC सेवानिवृत्‍तों से बकाया बिजली बिल की वसूली शुरू: एक से 92 हजार की वूसली, एसोसिएशन ने चेयरमैन को दिए 5 सुझाव

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CSPC  रायपुर। छत्‍तीसगढ़ की सरकारी बिजली कंपनियों ने सेवानिवृत्‍त हुए अफसरों, कर्मचारियों और इंजीनियरों से पावर कंपनी ने वसूली शुरू कर दी है। इस बीच छत्‍तीसगढ़ रिटायर्ड पावर इंजीनियर- ऑफिसर्स एसोसिएशन ने वितरण कंपनी के अध्‍यक्ष डॉ. रोहित यादव को पत्र लिखकर पांच सुझाव दिया है। साथ ही आईएएस एसोसिएशन पर बकाया बिजली बिल की वसूली का भी आग्रह किया है।

आईएएस एसोसिएशन पर बकाया है 64 लाख

रिटायर्ड पावर इंजीनियर- ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव सुनील जी ओक की तरफ से चेयरमैन को लिखे गए पत्र में बताया गया है कि आईएएस एसोसिएशन पर बिजली बिल का करीब 64 लाख रुपए बकाया है। एसोसिएशन की तरफ से चेयरमैन से इसकी भी वसूली का आग्रह किया गया है।

1920 को जारी हुआ नोटिस

बिजली बिल में निर्धारित से अधिक छूट लेने के मामले में पावर कंपनी ने 1920 सेवानिवृत्‍तों को नोटिस जारी किया है। इसमें सबसे ज्‍यादा 406 कोरबा में है। वहीं रायपुर शहर वृत्‍त में यह संख्‍या 242 है। दुर्ग (शहर) वृत्‍त में 182, बिलासपुर (सं./सं.) में 164, बिलासपुर (शहर) में 107, रायपुर (शहर) – दो में 96  सेवानिवृत्‍तों को नोटिस जारी किया गया है।

किस वृत्‍त में कितना नोटिस जारी हुआ, देखिए सूची

रायपुर में 92 हजार से ज्‍यादा की वसूली

रायपुर (वृत्त) के पश्चिम संभाग के एक पेंशनर्स से 1,85, 483 बकाया का नोटिस जारी किया गया था। एसोसिएशन के अनुसार उनसे 92,741 रुपए की वसूल भी कर ली गई है।

इस वजह से अफरातफरी

एसोसिएशन ने कहा है कि अफरातफरी का यह माहौल विद्युत कंपनी में राजस्व संहिता के पालन नहीं करने के कारण उत्पन्न हुआ है। किसी भी तरह Guide line का प्रभाव नहीं होने का यह परिणाम है। यह होना चाहिए था कि जिस तरह से कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने पर शासकीय आवास खाली करने के पश्चात् ही संबंधित कर्मचारी के उपदान का भुगतान होता है। उसी तरह उससे 25 प्रतिशत विद्युत छूट का आवेदन प्राप्त करने के पश्चात् ही उपदान का भुगतान हो ।

पेंशनर्स को हो रहा है नुकसान

इस अफरातफरी में पेंशनर्स का नुकसान हो रहा है अप्रैल 2019 से छ.ग. शासन ने 50 प्रतिशत की छूट बिजली बिलों में सभी उपभोक्ताओं को दी परन्तु पेंशनर्स को यह छूट इसीलिए नही दी गई क्योंकि उसे विद्युत कंपनी से छूट प्राप्त थी। विद्युत कर्मचारी 50 प्रतिशत शासकीय छूट से भी वंचित हो गया जो पेंशनर्स सुदूर अंचलों में रहते है वे नियम से वाकिफ नहीं होते अतः वे इस व्यवस्था से मुसीबत में फंस गए।

एसोसिएशन ने दिया सुझाव

(1) बेहतर होगा कि वर्तमान वसूली 2 वर्षों तक सीमित की जाए (विद्युत अधिनियम 2005)

(2) भविष्य के लिए इसके लिए पेंशन विभाग अपनी तरफ से कर्मचारियों का आवेदन लेकर संबंधित विभाग भेजा जाए।

(3) दो वर्ष से अधिक की वसूली को शासन के 50 प्रतिशत छूट में समायोजित किया जाए।

(4) राजस्व संहिता का वर्तमान परिप्रेक्ष्य में सुधार कर उसका पालन सुनिरिचित किया जाए।

(5) विभागीय कर्मचारियों से विद्युत देयको के भुगतान की व्यवस्था उनके पेंशन / वेतन।

यह है मामला

दरअसल, पावर कंपनी के सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को नियमानुसार बिजली बिल पर 25 प्रतिशत छूट की पात्रता है, लेकिन यहां 50 प्रतिशत छूट दिया जा रहा था। वर्षों से यह चल रहा था, लेकिन अब प्रबंधन के संज्ञान में आया है तो कंपनी ने वसूली का नोटिस जारी कर दिया है।

chatur postDecember 26, 2025
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