CSPDCL रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी बिजली वितरण कंपनी में आम उपभोक्ताओं का पूरा काम ठेके पर चल रहा है, क्योंकि कंपनी में मैदानी कर्मचारियों के 50 प्रतिशत से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। इसका सीधा असर उपभोक्ता सेवा की गुणवत्ता पर पड़ रहा है।
बिजली वितरण कंपनी में मैदानी कर्मचारियों के स्वीकृत पदों की संख्या 12317 है1 इसमें से केवल 5747 पदो पर नियमित कर्मचारी काम कर रहे हैं, बाकी 6570 पद खाली हैं।
विधानसभा के मानसून सत्र में भाजपा विधायक भावना बोहरा ने कंपनी में मैदानी कर्मियों की कमी को लेकर सवाल पूछा था। इसी प्रश्न के लिखित उत्तर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह जानकारी दी है।
सरकार की तरफ से यह भी बताया गया है कि रिक्त 6570 पदों के विरूद्ध बाह्य स्त्रोत (ठेका) से 2728 कुशल कर्मचारी और 4687 अकुशल कर्मचारी रखे गए हैं। कंपनी ने बताया है कि 6570 रिक्त पदों के विरूद्ध 7415 कर्मचारी (2728+4687) काम पर रखे गए हैं।
भाजपा विधायक ने कर्मचारियों की कमी के साथ बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटनाएं उत्पन्न होने के प्रमुख कारण के संबंध में सवा किया था।
मुख्यमंत्री ने बताया है कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने के मुख्य कारण बिजली लाईनों में होने वाले विभिन्न प्रकार के फाल्ट जैसे कि मानसून अवधि के दौरान उपकरणों का खराब होना और लाईनों के इंसुलेटरों का टूटना/खराब हो जाना, जम्पर का कट जाना।
तेज आंधी-तूफान के कारण बिजली लाईनों पर पेड़ बैनर, पोस्टर, फ्लैक्स इत्यादि का गिर जाना (जिसके फलस्वरूप पोल या तार टूट जाता है)।
अप्रत्याशित रूप से वाहनों का पोल से टकराकर दुर्घटना होने की स्थिति में पोल या तार का टूट जाना, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कारणों से लाईनों को बंद करना इत्यादि कारणों से बिजली आपूर्ति बाधित होती है।
इसके अतिरिक्त उत्पादन इकाईयों के सुधार के लिए बंद होने की स्थिति में राज्य की बिजली की मांग को नियंत्रित करने व ग्रिड को सुरक्षित रखने के दृष्टिगत बिजली की आपूर्ति को नियंत्रित किया जाता है।
इसके अलावा समय समय पर लाईनों और उपकेन्द्रों के रख-रखाव के लिए शटडाउन किए जाते हैं।