
CSPDCL रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अध्यक्ष डॉ रोहित यादव ने कहा है कि पॉवर कंपनी की सायबर सुरक्षा प्रणाली सायबर खतरों से निपटने में सक्षम है और नवीन प्रौद्योगिकी से लैस है।
कंप्यूटर डेस्क मैट का विमोचन
विद्युत सेवा भवन में एक सादे समारोह में सीएसपीडीसीएल द्वारा सायबर सुरक्षा पर तैयार सायबर सुरक्षा संक्षेपिका और कंप्यूटर डेस्क मैट का अध्यक्ष डॉ रोहित यादव ने विमोचन किया। कंप्यूटर डेस्क मैट पर साइबर सुरक्षा संबंधित क्या करें और क्या न करें उपयोगकर्ता जागरूकता के लिए लिखा गया है।
अत्याधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली से सुरक्षा कवच
इस अवसर पर अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने कहा कि डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के सूचना सुरक्षा प्रकोष्ठ (आईएससी) ने कंपनी के नेटवर्क, सर्वर, एप्लीकेशन, डाटा और वेबसाइट समेत सभी ऑफिस के कंप्यूटर को अत्याधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली से सुरक्षा कवच प्रदान किया है। उन्होंने कंपनी के कार्मिकों के लिए प्रतिवर्ष सायबर सुरक्षा जागरूकता संबंधी प्रशिक्षण आयोजित करने को सार्थक पहल बताया।
CSPDCL सी-एसओसी का किया जा रहा है संचालन
इस मौके पर मौजूद पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने बताया कि पॉवर कंपनी मुख्यालय में केन्द्रीयकृत सायबर सुरक्षा संचालन केन्द्र (सी-एसओसी) संचालित है, जहां से प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं संबंधी डाटा की गोपनीयता एवं सुरक्षा की निगरानी की जाती है। उन्होंने कहा कि यह देश में सार्वजनिक क्षेत्र में पॉवर सेक्टर का पहला सायबर सुरक्षा केन्द्र है।
सायबर इंसीडेंट की निगरानी
इस केन्द्र में 24*7 सभी सायबर इंसीडेंट की निगरानी की जाती है। इस दौरान प्रतिदिन हजारों सायबर अटैक को मॉनिटर एवं विफल किए जाते हैं। कंवर ने बताया कि राष्ट्रीय सायबर सुरक्षा माह के अंतर्गत 1- 31 अक्टूबर तक पॉवर कंपनियों में विभिन्न स्तरों पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में ये अफसर भी रहे मौजूद
सायबर सुरक्षा संक्षेपिका और कंप्यूटर डेस्क मैट के विमोचन अवसर पर कार्यपालक निदेशक (ईआईटीसी) विनोद कुमार साय, अधीक्षण अभियंता (आईएससी) विकास शर्मा समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
CSPDCL आईएसओ प्रमाण पत्र
उल्लेखनीय है कि सायबर सुरक्षा के मापदण्डों का कड़ाई से पालन सुनिश्चत करने के कारण सीएसपीडीसीएल को विगत दस वर्षों से आईएसओ 27001 प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है जो कि सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली लागू होने का द्योतक है। यहाँ हर वर्ष केन्द्रीय स्तर की जाँच एजेंसी सायबर सुरक्षा संबंधी समीक्षा भी करती है।




