CSPDCL बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी बिजली वितरण कंपनी (सीएसपीडीसीएल) के अफसर हाईकोर्ट में पेश हुए। बिजली अफसरों ने कोर्ट के सामने क्रियान्वयन रिपोर्ट प्रसतुत किया। मामले की अलगी सुनवाई के लिए कोर्ट ने 27 अक्टूबर की तारीख तय की है।
सीएसपीडीसीएल के अफसर बिजली खंभों पर लटके केबल हटाने के मामले में पेश हुए थे। हाईकोर्ट ने सभी बिजली खंभों से केबल हटाने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के सामने पेश हुए बिजली अफसरों ने कोर्ट के इस आदेश पर की जा रही कार्यवाही की जानकारी दी।
बिजली अफसरों ने कोर्ट को बताया कि पूरे राज्य में जहां भी बिजली खंभों पर केबल लटक रहे हैं उन्हें एक-एक कर हटाया जा रहा है। अभी तीन हजार खंभों से केबल हटाया जाना शेष है। इस पर कोर्ट ने काम पूरा करके रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
प्रदेश में दो लाख 83 हजार बिजली खंभे हैं। इनमें से करीब 50 हजार में केबल लगे हुए थे। इन्हें एक-एक कर हटाया जा रहा है। बिजली वितरण कंपनी के अफसरों ने कोर्ट को बताया कि केबल हटाने का काम जनवरी से चल रहा है। एक-एक कर केबल हटाए जा रहे हैं।
इस मामले में राज्य के मुख्य सचिव, ऊर्जा सचिव और नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव के साथ ही भारत संचार निगम लिमिटेड यानी बीएसएनल और बिजली वितरण कंपनी के एमडी को पार्टी बनाया गया है। बिलासपुर कलेक्टर और कमिश्नर के अलावा बिलासपुर में बिजली वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री भी पार्टी हैं।
बिजली खंभों पर टीवी और टेलीफोन कंपनियों के केबल लटके हुए हैं। याचिका में कहा गया है कि इसकी वजह से न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित होती है बल्कि लोगों की सुरक्षा भी खतरें में पड़ जाती है। खंभों से लटक रहे केबल के कारण हादसे का खतरा बना रहता है।
बिजली खंभों पर केबल लटकने की वजह से खतरों को लेकर विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों को हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। इस मामले में इसी साल जनवरी से सुनवाई शुरू हुई है।