CSPDCL में ठेका श्रमिकों का शोषण: टेंडर में ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने का आरोप, जांच की मांग

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CSPDCL रायपुर। छत्‍तीसगढ़ की सरकारी बिजली कंपनी में सब स्‍टेशनों के संचालन के टेंडर को लेकर एक और विवाद हो गया है। आरोप है कि टेंडर में ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी की गई है। इससे ठेका श्रमिकों के शोषण को बढ़ावा मिलेगा। इस संबंध में विद्युत ठेका श्रमिक संघ ने बिजली वितरण कंपनी के एमडी को पत्र लिखकर जांच की मांग की है।

नियमों की अनदेखी

संघ के अध्‍यक्ष अजय राय का आरोप है कि टेंडर में न्यूनतम वेतन अधिनियम अतिरिक्त छूट्टी का वेतन का प्रावधान है अलग-अलग कंडिका के तहत धारा 8 (क) व अन्य धाराओं के अंतर्गत वेतन कि राशि उपरोक्त निविदाओं में उल्लेख नहीं है।

अवकाश का भी उल्‍लेख नहीं

अजय राय ने बताया कि टेंडर में सीएल 14, अर्जित अवकाश 20, राष्ट्रीय अवकाश, त्यौहारी अवकाश, और ग्रेज्युटी अवकाश पांच साल लगातार का भुगतान प्रमुख नियोक्ता (वितरण कंपनी) होने के कारण टेंडर में उल्लेख नहीं किया गया है। जिसके कारण ठेकेदार के द्वारा वेतन के साथ अतिरिक्त वेतन भुगतान नहीं किया गया है।

CSPDCL  छुट्टी का भुगतान भी नहीं हो रहा

संघ ने आरोप लगाया है कि कोई भी छुट्टी का भुगतान प्राप्त नहीं हो रहा हैं, ठेकेदारों का लाभांश दर बिना मांगे चार गुना वृद्धि की गई है। ठेका श्रमिकों की मांग को नजर अंदाज किया जा रहा है। ठेकेदारों का फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर क्रमांक टीआर 09 में नियम में (3.85 प्रतिशत की दर लाभ सुनिश्चित है, किया गया है।)

वेतन के अलावा कोई भुगतान नहीं

संघ के अध्‍यक्ष अजय राय का कहना है कि कंपनी में काम करने वाले 6000 ठेका कर्मचारियों को अलग से वेतन के अलावा कोई भुगतान नहीं है, राष्ट्रीय पर्व, दीपावली, होली, 15 अगस्त, 26 जनवरी इत्यादि लेबर लॉ के अनुसार आज तक प्रदान नहीं किया गया है। नाहि, कोई टेंडर में उल्लेख किया गया है।

CSPDCL ठेकेदारों को चार गुना लाभ

ठेकेदारों को चार गुना लाभ पहुंचाने के लिए सांठ-गांठ किया जा रहा है ठेकेदारों के हिसाब से टेंडर की नियम व शर्ते बनाई गई है। ठेकेदारों को लाभांश प्रतिशत ज्यादा से ज्यादा कैसे दिया जाए। 20 वर्षों में पहली बार ठेकेदार के लिए नियम बदला गया हैं।

कोर्ट जाने की चेतावनी

एमडी को सौंपे ज्ञापन में संघ की तरफ से कहा गया है कि टेंडर में मैचुटी भुगतान, लिव वेजेस, कोई भी अतिरिक्त भुगतान का उल्लेख नहीं हैं। संघ ने टेंडर में बदलाव की मांग की है। साथ ही ऐसा न होने पर कोर्ट जाने की चेतवानी भी दी है।

chatur postOctober 9, 2025
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