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CSPDCL दम है तो इनकी बिजली काटके दिखाओ: किसी ने 10 तो कोई 15 साल से जमा नहीं किया बिल, लाखों में पहुंचा बकाया

CSPDCL 5767 उपभोक्‍ताओं पर विशेष मेहरबानी, पेंशनर्स पर सख्‍ती: 119 करोड़ से ज्‍यादा का बकाया फिर भी...

CSPDCL रायपुर। छत्‍तीसगढ़ की सरकारी विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) का घाटा सात हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। इसका सीधा असर आम उपभोक्‍ताओं पर पड़ रहा है। इधर, बिजली की दर (टैरिफ) के साथ कंपनी के बकायादारों की सूची भी लंबी होती जा रही है। बकायादारों की सूची में छोटे बकायादार (एक लाख रुपए से कम) वालों की संख्‍या बहुत कम है। ज्‍यादातर बढ़े बकायादार है, जिनसे कंपनी वसूली भी नहीं कर पा रही है।

दनादन काटी जा रही बिजली

वित्‍तीय वर्ष की अंतिम तिमाही शुरू होने के साथ ही विद्युत वितरण कंपनी ने बकाया वसूली अभियान तेज कर दिया है, लेकिन पावर कंपनी का जोर केवल घेरलू और छोटे बकायादारों पर चल रहा है। केवल छोटे बकायादारों की ही बिजली कट रही है, जबकि बिल जमा नहीं करने वाले बड़े बकायादार मजे से बिजली का उपयोग कर रहे हैं।

अब तक कंट्रोल रुम से काटी जा सकती है बिजली

बिजली कंपनी के अफसरों के अनुसार स्‍मार्ट मीटर लगने के बाद से अब किसी भी श्रेणी के बिजली उपभोक्‍ता की सप्‍लाई बंद (बिजली काटने) करने के लिए उसके परिसर में जाने की जरुरत ही नहीं है। कंपनी के कंट्रोल रुम से ही किसी की भी बिजली बंद की जा सकती है। यह कार्यवाही भी केवल छोटे उपभोक्‍ताओं पर अजमाई जा रही है।

आईएएस एसोसिएशन ने 15 साल से जमा नहीं किया बिल

छत्‍तीसगढ़ आईएएस एसोसिएशन ने 15 साल से बिजली बिल जमा नहीं किया है। 15 साल पहले 31 जनवरी 2011 को एसोसिएशन की तरफ से केवल 2585 रुपए का बिल जमा किया गया था। अब एसोसिएशन का बिल बढ़कर 64 लाख के पार पहुंच गया है। बता दें कि पावर कंपनी के सेवानिवृत्‍तों से एरियर्स की वसूली को लेकर उठे विवाद के बीच आईएएस एसोसिएशन का बकाया चर्चा में रहा। कंपनी के सेवानिवृत्‍त इंजीनियरों और अफसरों के संगठन ने चेयरमैन को पत्र लिखकर इसकी ओर ध्‍यान आकर्षित किया था।

विधानसभा पर 22 लाख से ज्‍यादा का बकाया

रायपुर क्षेत्र के बड़े बकायादारों की सूची में छत्‍तीसगढ़ विधानसभा भी शामिल है। विधानसभा पर 22 लाख रुपए से अधिक का बिजली बिल बकाया है। विधानसभा की तरफ से अंतिम बार  20 नवंबर 2015 को 29 हजार 380 रुपए का भुगतान किया गया था। इसी तरह सरकारी विभागों पर करोड़ों रुपए का बिल बकाया है, तमाम कोशिशों के बावजूद वसूली नहीं हो पा रही है।

  सात हजार करोड़ से ज्‍यादा का बकाया

विद्युत कंपनी के अफसरों के अनुसार वितरण कंपनी के बकायादारों की संख्‍या हजारों में है। इनमें ज्‍यादातर सरकारी विभाग है। कंपनी को करीब सात हजार करोड़ रुपए की वसूली करनी है।

इसी तरह गैर घरेलू उपभोक्ताओं पर भी करोड़ रुपए का बिल बकाया है। पूरे प्रदेश में 729 गैर घरेलू उपभोक्ताओं से 15 करोड़ 90 लाख रुपए की वसूली की जानी है।

नोटिस जारी होने के बाद भी गैर घरेलू उपभोक्ता बकाया बिल का भुगतान नहीं कर रहे हैं। गैर घरेलू बकायादारों में सबसे ज्यादा 249 बिलासपुर, 156 अंबिकापुर, 89 रायपुर सिटी, 74 रायपुर ग्रामीण, 70 रायगढ़, 38 दुर्ग, 32 जगदलपुर और 21 बकायादार राजनांदगाव रीजन के हैं।

सांसद का 13 लाख 22 हजार बकाया

बकायादारों में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के नाम से बिजली कनेक्शन पर भी 13 लाख 32 हजार रुपए का बकाया है। बृजमोहन अग्रवाल ने 5 अगस्त 2025 को 1 लाख 53 हजार रुपए का अंतिम बार भुगतान किया था।  प्रयास बालक विद्यालय सड्डू पर भी 38 लाख 64 हजार रुपए का बिल बकाया है।

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