CSPDCL रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी बिजली वितरण कंपनी पर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के आदेश की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगा है। आयोग ने नवंबर 2025 में एक आदेश दिया था। आरोप है कि वितरण कंपनी ने उस आदेश का अब तक पालन नहीं किया गया है।
राज्य विद्युत नियामक आयोग ने 25 नवंबर 2025 को बिजली वितरण कंपनी को एक आर्डर जारी किया था। इसमें आयोग ने बिजली खंभों के नीचे खुले वितरण बाक्स को तत्काल बंद करने का निर्देश दिया था। आयोग ने इस संबंध में कंपनी से कार्यवाही रिपोर्ट भी मांगी थी।
पूरे प्रदेश में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के खंभों में लगे खुले वितरण बॉक्स के कारण आए दिन दुर्घटनावश जानवरों की मृत्यु होती रहती है। ये वितरण बॉक्स मानव के लिए भी खतरा बने हुए हैं, विशेष रूप से जब मोटरसाइकिल या स्कूटर सवार या कार चालक अगर नियंत्रण खो कर इन वितरण बॉक्स से टकरा जावे तो जनहानि की संभावना बनी रहती है।
इसे मुद्दे को लेकर रायपुर निवासी नितिन सिंघवी ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग को पत्र लिखा था। आयोग ने मुद्दे का संज्ञान लेते हुए 24 नवंबर को कार्यपालक निदेशक (संचालन एवं संधारण) छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए और की गई कार्यवाही से आयोग को अवगत कराने के लिए कहा।
नितिन सिंघवी के अनुसार आयोग के आदेश के बावजूद पूरे प्रदेश में सैकड़ो की संख्या में ऐसे वितरण बॉक्स खुले हुए हैं और न ही आयोग को की गई कार्यवाही से अवगत करवाया है। सिंघवी ने चर्चा में बताया कि खुले रहने से कुछ वितरण बॉक्स के तो दरवाजे भी चोरी हो गए हैं। उन्होंने बताया कि बिजली कंपनी के कर्मचारी सुधार कार्य के लिए इन वितरण बॉक्स को खोल तो देते हैं परंतु बिना बंद कर चले जाते हैं। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रदेश में तत्काल इन बॉक्स को बंद करने के लिए प्रदेश स्तरीय मुहीम चलाई जाए और भविष्य में सतर्कता बरती जाए।