राज्य

साक्ष्‍य की कमी के कारण किसी भी शिकायत की जांच नहीं की गई

इंटीग्रिटी पैक्टसंबंधित पर सरकार ने दिया जवाब

CSPDCL रायपुर। छत्‍तीसगढ़ की सरकारी बिजली वितरण कंपनी में टेंडर में गड़बड़ी को लेकर मिली शिकायतों का मामला विधानसभा तक पहुंच गया है। यह मामला सत्‍तारुढ़ भाजपा के ही विधायक ने उठाया है। सरकार ने टेंडर को लेकर 16 शिकायतें मिलने की बात स्‍वीकार की है।

सुनील सोनी ने पूछा सवाल

बिजली कंपनी में टेंडर को लेकर शिकायतों मिली शिकायतों पर रायपुर दक्षिण सीट से भाजपा विधायक सुनील सोनी ने सवाल किया है। इस पर सरकार की तरफ से उत्‍तर भी आया है। सुनील सोनी के सवाल के लिखित जवाब में सरकार ने बताया है कि 16 शिकायतें मिली थी, उन सभी का निराकरण कर लिया गया है।

जानिए- क्‍या पूछा था सुनील सोनी ने

विधायक सोनी ने पूछा था कि मुख्यअभियंता, सब स्टेशन, एमडी और चेयरमेन, सीएसपीटीसीएल के कार्यालय को निविदा संख्या एस/एसओएंडएम-11/24-27/614, दिनांक 02.07.24 में अनियमितताओं के संबंध में कितनी शिकायतें प्राप्त हुई? प्राप्त शिकायतों के संदर्भ में क्या जवाब दिए गए और शिकायतों की जांच के लिए क्या कदम उठाए गए?

CSPDCL क्या इंटीग्रिटी पैक्ट अनिवार्य है

विधायक सोनी ने यहां भी जानना चाहा कि इस निविदा से इंटीग्रिटी पैक्ट और लेबर लायसेंस को क्यों बाहर रखा गया? क्या इंटीग्रिटी पैक्ट अनिवार्य है? सीवीसी के दिशा निर्देशों के उल्लंघन को देखते हुए भी निविदा को जारी क्यों रखा गया ?

दो वर्षों में हुए टेंडर की मांगी जानकारी

सोनी ने अपने सवाल में पिछले 02 वर्षों में 132 केवी सब स्टेशनों के संचालन के लिए प्रत्येक निविदावार निर्धारित बोलीदाताओं के पीक्यूआर का रिकार्ड और उनमें हुए परिवर्तनों का विस्तृत विवरण मांगा था?

ऊर्जा विभाग की तरफ से दी गई यह जानकारी

इस प्रश्‍न के लिखित उत्‍तर में ऊर्जा विभाग की तरफ से बताया गया है कि  छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत मुख्यअभियंता (सब स्टेशन), एमडी और चेयरमेन, के कार्यालय में निविदा संख्या एस/एस ओएंडएम-11/24-27/614, दिनांक 02.07.2024 में अनियमितताओं के संबंध में कुल 16 शिकायतें विभिन्न व्यक्ति/संस्था से प्राप्त हुई है। प्राप्त सभी शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है।

साक्ष्‍य की कमी के कारण किसी भी शिकायत की जांच नहीं की गई

ऊर्जा विभाग की तरफ से यह भी बताया गया है कि शिकायतों के संबंध में पर्याप्त तथ्य (साक्ष्य) नहीं होने के कारण शिकायतें जांच कार्यवाही के योग्य नहीं पाई गई। फलस्वरूप जांच कार्यवाही नहीं की गई।

इंटीग्रिटी पैक्टसंबंधित पर सरकार ने दिया जवाब

ऊर्जा विभाग की तरफ से बताया गया है कि वर्ष 2021-24 के लिए जारी निविदा  में इंटीग्रिटी पैक्टसंबंधित कंडिका शामिल नहीं थी, इसलिए नवीन निविदा संख्या एस/एस ओएंडएम-11/24-27/614 में भी उक्त अर्हता को शामिल नहीं किया गया है।

CSPDCL लेबर लाइसेंस जरुरी!

प्रश्‍न के लिखित उत्‍तर में बताया गया है कि श्रम कार्यालय रायपुर के अनुसार प्रत्येक उपकेन्द्र में 12 कर्मचारी/श्रमिक नियोजित करने के कारण, श्रमिक अधिनियम-1970 की धारा-12 नियम 21 के अनुसार अनुज्ञप्ति दिया जाना प्रावधानित नहीं है। इस कारण निविदा में लेबर लाईसेंस संबंधित अर्हता को सम्मिलित नहीं किया गया, लेकिन निविदा में उल्लेखित नियम और शर्तों के अनुसार ठेकेदारों को लेबर लाइसेंस सहित छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से जारी व श्रमिक कल्याण के लिए लागू अधिनियम के तहत् कार्य का क्रियान्वयन किया जाना आवश्यक है।

एक बार दिया गया एक्‍सटेंशन

सब स्टेशन ऑपरेशन ठेका कार्य के लिए निविदा अंतर्गत जारी कार्यादेश की समयावधि 30.10.2024 तक थी जिसे एक बार सक्षम अनुमोदन से आगामी छः माह के लिए विस्तारीत किया जा चुका था। इसलिए कार्य प्रकृति अनुसार यथा कार्य निरंतरता बनाए रखने के लिए नई निविदा को जारी रखा गया जिससे कि ससमय सब स्टेशन ऑपरेशन का कार्य के लिएकार्य आदेश जारी किया जा सके।

टेंडर में 9 ठेकेदार हुए शामिल

ऊर्जा विभाग की तरफ दिए गए उत्‍तर में बताया गया है कि पिछले 02 वर्षों (2023-24 और 2024-25) में 132 केवी सबस्टेशनों के संचालन के लिए एक मात्र निविदा क्रमांक 614, 02.07.2024 जारी किया गया है। निविदा में कुल 09 निविदाकारों द्वारा भाग लिया गया।

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