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CSPDCL तो बिजली कंपनी को लगेगा 80 करोड़ का झटका: सब स्टेशनों के संचालन के लिए चार गुना अधिक दर का अनुमोदन

CSPDCL रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकारी बिजली कंपनी में 33/11 केवी सब स्टेशनों के टेंडर में बड़ा खेला होने का आरोप लग रहा है। आरोप है कि ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के चक्कर में कंपनी को करोड़ो का चुना लगाया जा रहा है।

ठेकेदारों को चार गुना ज्यादा भुगतान

आरोप है कि इस बार ठेकेदारों को 4 गुना लाभ देने की तैयारी चल रही है। ठेकेदारों को प्रति सब स्टेशन 3700 रुपए का लाभ देना प्रस्तावित हुआ है। विवादों के चलते अभी तक ठेका एजेंसियों को सब स्टेशनों का संचालन नहीं सौंपा गया है।

नए ठेकेदारों को को अभी तक नहीं सौंपा गया है काम

पावर कंपनी में इन दिनों सब स्टेशनों के टेंडर और संचालन को लेकर लगातार विवाद चल रहा है। 440, 220 और 132 केवी सब स्टेशन में कार्यरत ऑपरेटरों और कर्मचारियों द्वारा राष्ट्रीय पर्वों में अवकाश की मांग ने चिंता बढ़ा दी है। वहीं 33/11 केवी विद्युत सब स्टेशनों का टेंडर विवादों में है। इसके चलते ही 33/11 केवी सब स्टेशनों के संचालन का नया जिम्मा ठेका एजेंसियों को नहीं सौंपा जा सका है।

CSPDCL विवाद के बीच पुराने ठेकेदार को एक्टेंशन

विवाद की वजह ने नए ठेकेदारों को अभी तक काम नहीं सौंपा गया है। ऐसे में पुराने ठेकेदार ही सब स्टेशनों का संचालन कर रहे हैं। कंपनी ने सब स्टेशन संचालन की अवधि को नवंबर तक बढ़ा दिया गया है।

बेस प्राइस से कम था L 1 का रेट

बताते हैं कि कुछ माह पहले प्रदेश में स्थापित 33/11 केवी विद्युत सब स्टेशनों के लिए वितरण कंपनी ने टेंडर निकाला था। इसमें आधा दर्जन से अधिक एजेंसियों ने भाग लिया। इसका बेस रेट 3.85% रखा गया था। टेंडर खुला तो L-1 का प्राइस बिड में तय बेस रेट से नीचे शून्य दर था। जिसके कारण एल-1 होने के बाद भी उसे बाहर कर दिया गया और उसके स्थान पर एल-2 एजेंसी को एल-1 मानकर काम देने की तैयारी है। इसके अलावा अन्य 3 और एजेंसियां एल-3, 4 और 5 क्रम में है। टेंडर प्रक्रिया से 8 ठेकेदार बाहर कर दिए गए हैं।

एक सब स्टेशन के संचालन के लिए 3700 रुपए

सब स्टेशन के संचालन के लिए टेंडर में प्रति सब स्टेशन 3700 रुपए की दर अनुमोदित की गई। इसमें कर्मचारियों का बीमा, मोबाइल भत्ता, सब स्टेशन की साफ-सफाई समेत अन्य कार्य शामिल हैं।

CSPDCL कंपनी को 80 करोड़ का नुकसान

बताते हैं कि पूर्व में ठेकेदारों को 500 रुपए लाभ दिया जा रहा था। जो बढ़कर अब 3700 रुपए तक पहुंच गया है। इस तरह ठेकेदारों को 4 गुना लाभ प्रति सब स्टेशन मिलेगा। इससे पावर कंपनी को लगभग 80 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान उठाना पड़ेगा। इस पर वर्ल्ड क्लास सर्विसेस लिमिटेड ने सवाल खड़े करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर कंपनी को आर्थिक नुकसान से बचाने का आग्रह किया है।

ऑपरेटरों के वेतन में कटौती भी

बताया जा रहा है कि सब स्टेशनों में कार्यरत ऑपरेटरों एवं अन्य कर्मचारियों को पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। कुछ एजेंसियां प्रति माह न केवल वेतन में कटौती कर रही हैं, बल्कि ईपीएफ व ईएसआईसी की सुविधा से भी वंचित किया जा रहा है। ईपीएफ और ईएसआईसी की काटी गई राशि समय पर जमा नहीं हो रही है।

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