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CSPGCL पावर कंपनी में बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्‍टम में सेंध! लागू कर दी दोहरी व्‍यवस्‍था, देखिए- आदेश

CSPGCL रायपुर। छत्‍तीसगढ़ में मंत्रालय से लेकर सभी शासकीय कार्यालयों में एक जनवरी से सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (Aadhar Enabled Biometric Attendance System-AEBAS) लागू कर दी गई है। आईएएस से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक सभी शासकीय सेवकों की उपस्थिति इसी के जरिये दर्ज हो रही है। बिजली कंपनी मुख्‍यालय में भी यह व्‍यवस्‍था लागू की गई है, लेकिन वहां इसमें सेंध लगाने की कोशिश की जा रही है।

सिस्‍टम और कार्यप्रणाली में बदलाव की कोशिश

बायोमेट्रिक उपस्थिति सिस्‍टम सरकार के ड्रीम प्रोजेक्‍ट में शामिल है। कर्मचारी संगठनों की आपत्ति और विरोध के बावजूद इसे लागू किया गया है। अफसरों के अनुसार इसका सकारात्‍मक असर भी दिख रहा है। इसकी वजह से शासकीय कार्यालयों में उपस्थिति के साथ ही कामकाज की व्‍यवस्‍था में बदलाव आया है।

बिजली उत्‍पादन कंपनी में दोहरी व्‍यवस्‍था

बायोमेट्रिक उपस्थिति की व्‍यवस्‍था लागू करने के साथ ही सभी कार्यालयों से पुराने हाजिरी रजिस्‍ट्रर हटा दिए गए हैं, क्‍योंकि प्रत्‍येक कर्मचारी की उपस्थिति अब ऑनलाइन दर्ज हो जा रही है।

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इधर, बिजली कंपनी मुख्‍यालय में भी 1 जनवरी 2026 से बॉयोमेट्रिक अटेंडेंस की व्‍यवस्‍था लागू कर दी गई है। इस बीच पावर जनरेशन कंपनी ने 27 फरवरी को एक आदेश जारी किया है। इसके जरिये अटेंडेंस की दोहरी व्‍यवस्‍था लागू कर दी गई है।

मुख्‍यमंत्री के विभाग की कंपनी में हो रहा है यह सब

बिजली कंपनियों ऊर्जा विभाग के अंतर्गत आती हैं। मुख्‍यमंत्री विष्‍णुदेव साय ऊर्जा विभाग के मंत्री हैं। बिजली उत्‍पादन कंपनी के चेयरमैन सुबोध कुमार सिंह हैं जो मुख्‍यमंत्री के प्रमुख सचिव हैं और उसी कंपनी में सरकार के ड्रीम प्रोजेक्‍ट के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।  

उपस्थिति पत्रक किया अनिवार्य

27 फरवरी को जारी आदेश में उत्‍पादन कंपनी ने अपने कार्यालयों में उपस्थिति पत्रक (हाजिरी रजिस्‍टर) की व्‍यवस्‍था को भी अनिवार्य कर दिया। कंपनी के ईडी (मानव संसाधन) ने सभी कार्यालयों को निर्देश जारी किया है कि सभी कर्मचारी बायोमेट्रिक के साथ ही उपस्थिति पत्रक पर भी अनिवार्य रुप से हस्‍ताक्षर करें। यह मासिक पत्रक एचआर को भेजा जाएगा।

इस आदेश का औचित्‍य क्‍या

बता दें कि शासकीय ही नहीं निजी संस्‍थानों में जहां अटेंडेंस की ऑनलाइन व्‍यवस्‍था है, वहां अब हाजिरी रजिस्‍टर का उपयोग नहीं किया जा रहा है। इसी वजह से कंपनी के इस आदेश के औचित्‍य पर सवाल उठने लगा है। पूछा जा रहा है कि जब ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज हो जा रहा है तो यह रजिस्‍टर की व्‍यवस्‍था क्‍यों। क्‍या कंपनी प्रबंधन को इस सिस्‍टम साफ्टवेयर पर भरोसा नहीं है।

सिस्‍टम में सेंध लगाने की कोशिश

उत्‍पादन कंपनी के एचआर के इस आदेश को बायोमेट्रिक उपस्थिति सिस्‍टम में सेंध लगाने की कोशिश के रुप में देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार ऐसा करके उन अधिकारियों और कर्मचारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है जो समय पर कार्यालय नहीं आते है, या समय से पहले कार्यालय छोड़ देते हैं।

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