
CSPGCL रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी बिजली उत्पादन कंपनी के 1320 मेगावाट सुपर क्रिटिकल पावर प्लांट Super Critical Power Plant स्थापना की कवायद तेज हो चुकी है। इस प्लांट के लिए कंपनी में विभिन्न श्रेणी की 140 पदों पर भर्ती होगी। यह भर्ती क्रमबद्ध तरीके से दो चरणों में सृजित किया जाएगा। वर्ष 2029-30 तक द्वितीय चरण की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी।
बीओडी की 139वीं बैठक में हुआ फैसला
यह फैसला छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी के संचालक मंडल की 139वी बैठक ली गई है। बैठक में कंपनी के 1320 (660×2) मेगावाट सुपर क्रिटिकल ताप बिजली परियोजना कोरबा पश्चिम के निर्माण के लिए 140 पदों को क्रमबद्ध तरीके से दो चरणों में सृजित किया गया है। पहला चरण 2025-26 व 2026-27 तक पूर्ण होगा।
कंपनी में नए पदों का सृजन
नए प्लांट के लिए 140 पदों पर भर्ती होगी। इसमें दो चरणों 53 पद सृजित किए जाएंगे। पहले चरण में एसीई के 2, एसई के 3, ईई के 6, सैलरी आफिसर के 1, एई के 9, एकाउंटेंट व वेलफेयर आफिसर व पर्सनल असिस्टेंट के 1-1, जेई के 6 पद सृजित किए जाएंगे।
CSPGCL एचटीपीपी में दो नई यूनिट
कंपनी की एचटीपीपी संयंत्र की 1340 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता है। यहां 210-210 मेगावाट की 4 व 500 मेगावाट की एक इकाई स्थापित है। 2 नए इकाई के निर्माण के बाद संयंत्र की विद्युत उत्पादन क्षमता 2660 मेगावाट हो जाएगी। प्रदेश में बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसे देखते हुए नए संयंत्र की स्थापना को लेकर कांग्रेस कार्यकाल में इसकी स्वीकृति दी गई थी। भाजपा शासन काल में निर्माण के काम को आगे बढ़ाया जा रहा है।
भेल को मिला है आर्डर
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) ने हसदेव थर्मल पावर स्टेशन कोरबा पश्चिम में इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण आधार पर 2660 मेगावाट सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट स्थापित करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड से घरेलू प्रतिस्पर्धी बोली के तहत ऑर्डर प्राप्त किया है।
इन कामों को करेगा भेल
बीएचईएल के कार्य क्षेत्र में सुपरक्रिटिकल बॉयलर, टरबाइन, जनरेटर जैसे प्रमुख उपकरणों के डिजाइन, इंजीनियरिंग, विनिर्माण और आपूर्ति के साथ-साथ थर्मल पावर स्टेशन का संपूर्ण निर्माण, परीक्षण और कमीशनिंग शामिल है। विस्तार परियोजना को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय पर्यावरणीय स्वीकृति मिली है।
भूपेश बघेल ने रखी नींव, मोदी ने शुरू कराया काम
इस विस्तार परियोजना की नींव जुलाई 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रखी थी। इसके काम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों हुई।
CSPGCL बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ने से प्रदेश को फायदा
एचटीपीपी पॉवर प्लांट के दूसरे चरण के 1320 मेगावाट विस्तार संयंत्र के निर्माण का काम शुरू होगा। इसके लिए पर्यावरणीय मंजूरी की प्रक्रिया की जा चुकी है। एचटीपीपी संयंत्र प्रबंधन ने जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद संयंत्र की स्थापना के लिए मिनिस्ट्री ऑफ इनवायरमेंट फॉरेस्ट एंड क्लाइमेट चेंज (एमओईएफसीसी) से अनुमति मांगी है।
1320 मेगावॉट क्षमता बढ़ाने की तैयारी
दूसरे चरण के विस्तार से 1320 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने की है। एचटीपीपी पॉवर प्लांट उत्पादन कंपनी का सर्वाधिक क्षमता का संयंत्र भी है। इस संयंत्र का प्रदेश की घरेलू बिजली की जरूरतों को पूरा करने में सबसे अधिक योगदान है। साल 2029-30 तक एक इकाई से बिजली उत्पादन शुरू करने की योजना है। बताया जाता है कि 2030 तक एचटीपीपी पावर प्लांट की 210 मेगावाट की चार इकाईयों से बिजली उत्पादन किया जाना है। चारों इकाईयां पुरानी होने से बिजली उत्पादन बंद करने की योजना है।




