
CSPTCL रायपुर। छत्तीसगढ़ पावर ट्रांसमिशन कंपनी शेयर बाजार में लिस्टिंग की तैयारी में है। इसका विरोध भी शुरू हो गया है। कर्मचारी संगठनों ने इसे कंपनी के निजीकरण की साजिश बताया है। जानिए- कंपनी के शेयर मार्केट में लिस्टिंग का क्या मतलब है? इससे वहां काम करने वालों के साथ आम उपभोक्ताओं पर क्या असर होगा?
कंपनी के शेयर बाजार में लिस्टिंग का क्या है?
किसी कंपनी के शेयर बाजार (Stock Market) में लिस्टिंग का सीधा सा अर्थ है कि अब उस कंपनी के शेयर्स को आम जनता के द्वारा स्टॉक एक्सचेंज (जैसे NSE या BSE) पर खरीदा और बेचा जा सकता है। जब कोई कंपनी पहली बार लिस्ट होती है, तो वह IPO (Initial Public Offering) लेकर आती है।
कंपनी के शेयर मार्केट में आने से क्या होगा?
शेयर मार्केट में लिस्टिंग के बाद कंपनी ‘पब्लिक लिमिटेड कंपनी’ बन जाती है, जिसमें कोई भी व्यक्ति निवेश कर सकता है, जिसके पास जितना शेयर होगा वह कंपनी में उतने का हिस्सेदार बन जाएगा। ज्यादा शेयर रखने वाले कंपनी के संचालक मंडल का हिस्सा बन जाएंगे और कंपनी के फैसलों में उनकी भी भागीदारी रहेगी।
शेयर मार्केट में जाना अनुचित
महासंघ के अरुण देवांगन ने ट्रांसमिशन कंपनी के शेयर मार्केट में लिस्टिंग के फैसले को अनुचित करार दिया है। उन्होंने कहा कि शेयर मार्केट में जाने का सीधा मतलब है सरकारी कंपनी को निजीकरण की ओर ले जाना। उन्होंने कहा कि बिजली वितरण और उत्पादन कंपनी बांड के जरिये फंड जुटा रही हैं तो ट्रांसमिशन कंपनी को शेयर बेचने की क्या जरुरत है। ट्रांसमिशन कंपनी को फंड चाहिए तो वह भी बांड जारी कर सकती है।
कंपनी के पेंशनरों में डर
ट्रांसमिशन कंपनी के शेयर मार्केट में लिस्टिंग की खबरों ने तीनों पावर कंपनियों के पेंशनर्स की चिंता बढ़ा दी है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल पेंशनर्स ,एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव सुधीर नायक ने कहा कि कंपनी के इस फैसले का विरोध किया जाएगा।
संकट में पड़ जाएगा पेंशन
सुधीर नायक ने कहा कि बिजली कंपनी के पेंशन ट्रस्ट में जितनी राशि होनी चाहिए, उतनी नहीं है। ऐसे में कंपनी शेयर मार्केट में उतरती है तो पेंशन खतरें में पड़ जाएगा। उनका कहना है कि शेयर बाजार चढ़ता- उतरता रहता है, नफा नुकसान लगा रहता है, ऐसे में यदि कंपनी के शेयर गिरे तो उसका सीधा असर पेंशनर्स पर भी पड़ेगा।







