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CSPTCL का ‘पावर’ गेम: रिकॉर्ड समय में तैयार की 132 KV लाइन, NMDC की मेगा परियोजनाओं को मिली रफ्तार

CSPTCL Record Achievement NMDC

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (CSPTCL) ने दक्षिण बस्तर के दुर्गम और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में इंजीनियरिंग का लोहा मनवाते हुए एक नया कीर्तिमान रचा है। कंपनी ने एनएमडीसी (NMDC) के बचेली और किरंदुल संयंत्रों के लिए 132 केवी (KV) विद्युत प्रणाली की लाइन को रिकॉर्ड समय में न केवल तैयार किया, बल्कि उसे सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत (Energize) भी कर दिया है।

इस उपलब्धि के साथ ही अब एनएमडीसी की विस्तार परियोजनाओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो गई है।

लक्ष्य से पहले पूरा किया चुनौतीपूर्ण कार्य

आमतौर पर बस्तर जैसे भौगोलिक रूप से कठिन क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइन बिछाना एक समय लेने वाली प्रक्रिया होती है, लेकिन CSPTCL ने इसे लक्ष्य से काफी पहले पूरा कर लिया। इस त्वरित कार्य के कारण किरंदुल में ‘स्क्रीनिंग प्लांट-III’ और बचेली में ‘स्लरी पाइपलाइन’ जैसी बड़ी परियोजनाओं को समय से पूर्व बिजली मिलनी शुरू हो गई है।

पारेषण कंपनी के प्रबंध निदेशक आर. के. शुक्ला ने इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह कार्य टीम वर्क और कुशल समय प्रबंधन का बेहतरीन उदाहरण है।

तकनीकी बारीकियां और प्रबंधन

इस पारेषण प्रणाली के विस्तार के लिए किरंदुल में लगभग 1.86 किलोमीटर और बचेली में 2.8 किलोमीटर नई लाइन स्थापित की गई है। कार्य की गति को बनाए रखने के लिए कंपनी ने एक स्मार्ट कदम उठाया; उन्होंने टॉवर सामग्री की व्यवस्था अपनी अन्य संचालित पूंजीगत परियोजनाओं से की, जिससे लॉजिस्टिक में लगने वाला समय बच गया।

इन लाइनों के चार्ज होने से नगरनार स्थित स्लरी पाइपलाइन प्रोजेक्ट अब बिना किसी देरी के शीघ्र प्रारंभ हो सकेगा।

औद्योगिक विकास की नई उड़ान

यह परियोजना केवल बिजली की आपूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि सुदूर दक्षिण बस्तर का वातावरण अब बड़े औद्योगिक निवेश और विकास के लिए पूरी तरह तैयार है। ट्रांसमिशन कंपनी की इस मुस्तैदी ने एनएमडीसी प्रबंधन को भी अचंभित कर दिया है, क्योंकि काम उनके द्वारा निर्धारित समय सीमा से पहले ही पूरा कर लिया गया।

इस पूरे मिशन का नेतृत्व कार्यपालक निदेशक (लाइन) संजय पटेल और उनके मैदानी अमले ने किया। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद मैदानी अमले की सक्रियता ने छत्तीसगढ़ के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई है।

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