Chhattisgarh Power News: रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी (CSPTCL) ने प्रदेश के बिजली अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा प्रस्तावित हड़ताल (Strike) को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। कंपनी ने साफ कर दिया है कि अगर कर्मचारी बिना अनुमति छुट्टी (Leave) पर गए या विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए, तो उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
हड़ताल का शेड्यूल और मांगें (Protest Schedule)
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल आरक्षित वर्ग अधिकारी कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन का आह्वान (Call for Protest) किया है:
- 20 अप्रैल 2026: एक दिवसीय सामूहिक अवकाश और क्षेत्रीय कार्यालयों पर विरोध प्रदर्शन।
- 27 अप्रैल 2026: अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश की चेतावनी।
मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) द्वारा जारी परिपत्र (Circular) के अनुसार, जो कर्मचारी इस आंदोलन में हिस्सा लेंगे, उन पर निम्नलिखित प्रभाव पड़ेंगे:
- नो वर्क नो पे: सामूहिक अवकाश या हड़ताल के दिनों का वेतन (Salary) नहीं दिया जाएगा।
- ब्रेक-इन-सर्विस: इस अनुपस्थिति की अवधि को ‘ब्रेक-इन-सर्विस’ (Break-in-Service) माना जाएगा, जो भविष्य में पेंशन और अन्य लाभों को प्रभावित कर सकता है।
- अनुशासनात्मक कार्रवाई: सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के उल्लंघन पर विभागीय जांच और एक्शन लिया जाएगा।
कंपनी मुख्यालय ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे आंदोलन में शामिल होने वाले कर्मचारियों के नाम, पद और कार्यालय की सूची (List) तैयार कर मानव संसाधन विभाग को भेजें।
इसके साथ ही, विद्युत सेवाओं (Essential Services) की निरंतरता बनाए रखने के लिए जिला और पुलिस प्रशासन का सहयोग लेने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि प्रदेश में कानून-व्यवस्था (Law and Order) बनी रहे।
बिजली सेवा एक अति-आवश्यक सेवा (Emergency Service) की श्रेणी में आती है। ऐसे में कंपनी का यह कड़ा फैसला कर्मचारियों के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है।
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