Cyber ​​Crime छत्‍तीसगढ़ में 300 करोड़ से ज्‍यादा का साइबर फ्राड: बैंक वाले भी शामिल, जानिए- कितनों को मिला पैसा वापस  

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Cyber ​​Crime रायपुर। छत्‍तीसगढ़ में तीन हजार से ज्‍यादा लोग साइबर क्राइम का शिकार हुए हैं। इन लोगों से तीन सौ करोड़ रुपए से ज्‍यादा की ठगी हुई है। साइबर क्राइम के आरोपियों में बैंक कर्मी भी शामिल है। यह जानकारी राज्‍य के डिप्‍टी सीएम और गृह मंत्र विजय शर्मा ने दी है।

विधानसभा में दी गई जानकारी

साइबर क्राइम से जुड़ी यह जानकारी विधानसभा के मौजूदा बजट सत्र में गृह मंत्री विजय शर्मा ने भाजपा विधायक राजेश मूणत के एक प्रश्‍न के लिखित उत्‍तर में दिया है।  

छत्‍तीसगढ़ में साइबर क्राइम के मामले

गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि वर्ष 2019 से 2025 तक ऑनलाईन ठगी के 3119 प्रकरण दर्ज हुए थे। वर्षान्त 2025 तक ऑनलाईन ठगी के और 09 अपराध दर्ज किए गए। इस प्रकार वर्षान्त 2025 तक ऑनलाईन ठगी के कुल3128 प्रकरण दर्ज किए गए।

छत्‍तीसगढ़ डिजिटल अरेस्‍ट के मामले

छत्‍तीसगढ़ में इस समय अवधि में डिजिटल अरेस्ट के 31 प्रकरण दर्ज किए गए। सूत्रों के अनुसार डिजिटल अरेस्‍ट का शिकार होने वाले में ज्‍यादा बुजुर्ग और पैसे वाले लोग शामिल है।

छत्‍तीसगढ़ में कितने की हुई ऑनलाइन ठीक

डिप्‍टी सीएम ने बताया कि इन प्रकरणों में  306.43 करोड़ की ठगी हुई जो वर्षान्त 2025 तक बढ़कर 306.61 करोड़ हो गई। वर्ष 2019 से जनवरी 2026 तक की स्थिति में 85.60 करोड़ होल्ड कराई गई है। 1776 ठगों को गिरफ्तार किया गया है।

कितने लोगों को वापस मिली ठगी की राशि

गृह मंत्री ने बताया कि वर्तमान में जनवरी 2026 की स्थिति में ठगी की राशि में से 11 करोड़ 20 लाख 72 हजार 133 रुपए वापस कराया जा चुका है। बाकी लोगों को वापसी के लिए न्यायालय के निर्णयानुसार शीघ्र वापसी सुनिश्चित की जा रही है।

10 बैंक कर्मी गिरफ्तार

अभी तक की जांच में कुल 10 बैंक कर्मियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया है जो विचाराधीन है। ऐसे अपराधों में यदि किसी बैंककर्मी की आपराधिक संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाती है।

छत्‍तीसगढ़ में साइबर क्राइम रोकने के प्रयास

भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस मुख्यालय ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) के समन्वय से हर महीने बैंक प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों में समस्त बचत और चालू खातों में बहु-स्तरीय केवाईसी (KYC) प्रक्रिया को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह भी चल रहा प्रयास

इसके अतिरिक्त, संदिग्ध म्यूल खातों और ऐसी बैंक शाखाओं जहां से सर्वाधिक शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, उनका Enhanced Due Diligence (EDD) कर दोषी व्यक्तियों और कर्मचारियों की पहचान करने में पुलिस का सहयोग करने निर्देशित किया गया है।

हेल्‍पलाइन नंबर 1930

साइबर जागरूकता के उद्देश्य से बैंकों की वेबसाइटों और दस्तावेजों पर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा सायबर क्राईम पोर्टल का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के साथ-साथ निरंतर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

chatur postFebruary 27, 2026
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