
DA News रायपुर। छत्तीसगढ़ के शासकीय सेवकों के बकाया एरियर्स का मुद्दा हाईकोर्ट पहुंच गया है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस पर कोर्ट में सुनवाई हुई।
फेडरेशन के वकील ने रखा पक्ष
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की तरफ से लंबित महंगाई की मांग को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। कोर्ट में फेडरेशन की तरफ से हमारे अधिवक्ता ने इस बात को प्रमुखता से रखा कि 2017 से शासकीय कर्मचारियों को महंगाई भत्ता समय पर नहीं मिल रहा है और उसका एरियर्स लंबित है ।
कोर्ट ने सरकार को जारी किया नोटिस
फेडरेशन की तरफ से दाखिल याचिका पर फेडरेशन के वकील ने दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखा। कोर्ट ने पूरे मामले को सुनने के बाद सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।
DA News 80 महीने का बकाया है एरियर्स
बता दें कि छत्तीसगढ़ के शासकीय सेवकों का करीब 80 महीने का एरियर्स बताया है। 2019 के बाद से उन्हें डीए का एरियर्स नहीं मिल रहा है। इसको लेकर फेडरेशन की तरफ से लगातार मांग की जा रही थी। सरकार के साथ वार्ता के दौरान प्रमुखता से उठाया जा रहा था, इसके बावजूद मांग पूरी नहीं हुई तो अब कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
फेडरेशन की एक और बड़ी पहल
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन प्रदेश के शासकीय सेवकों के संगठनों का सबसे बड़ा संयुक्त संगठन है और संयोजक कमल वर्मा के नेतृत्व में कर्मचारी हितों के लिए लगातार सक्रिय रहता है। फेडरेशन को प्रदेश के शासकीय सेवकों की आवाज माना जाता है। फेडरेशन ने फिर एक बार अपनी कर्मचारी हितैषी नीति का परिचय देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। फेडरेशन एरियर्स का नगद भुगतान की बजाए जीपीएफ खातों में समायोजन की मांग की जा रही है।




