
DA News रायपुर। छत्तीसगढ़ में शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ता के लिए बजट में अलग प्रवधान करने की मांग छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने की है। इस संबंध में फेडरेशन की तरफ से प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी को पत्र लिखा है।
फेडरेशन का सीएम और वित्त मंत्री को पत्र
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि बिहार सरकार की तरफ से वहां के कर्मचारियों, पेंशनरों और अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों को केंद्र सरकार से जैसे ही महंगाई भत्ते स्वीकृत किए जाते हैं, उसके कुछ ही दिनों के बाद राज्य सरकार भी समान दर पर महंगाई भत्ते स्वीकृत कर देती है। इस व्यवस्था के लिए बिहार सरकार अपने वार्षिक बजट में इन वर्गों के लिए स्थापना और प्रतिबद्ध व्यय मद में पृथक से बजट प्रावधान करती है।
छत्तीसगढ़ में इसी तरह की व्यवस्था लागू करने की मांग
संयोजक कमल वर्मा ने लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में भी इसी प्रकार की व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता है ताकि राज्य के शासकीय सेवकों, पेंशनरों एवं अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों को समय पर महंगाई भत्ते का लाभ प्राप्त हो सके।
यदि आगामी मुख्य बजट में बिहार सरकार की भांति महंगाई भत्ते के लिए पृथक बजट प्रावधान किया जाए, तो भविष्य में महंगाई भत्ते की स्वीकृति में अनावश्यक विलंब नहीं होगा तथा कर्मचारियों को इसके लिए आंदोलन या आग्रह करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। सरकार का यह कदम शासकीय सेवकों के हित में सराहनीय एवं प्रशंसनीय होगा।
125 मान्यता प्राप्त संगठनों का प्रतिनिधित्व करता है फेडरेशन
संयोजक कमल वर्मा ने बताया है कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन, जो कि 125 मान्यता प्राप्त एवं गैर-मान्यता प्राप्त संगठनों का प्रतिनिधि संगठन है, राज्य शासन से अनुरोध करता है कि कर्मचारियों एवं पेंशनरों के हित में इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए आगामी मुख्य बजट में महंगाई भत्ते के लिए पृथक बजट प्रावधान किए जाने की कृपा करें।




