Arun Sao रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव (Deputy CM Arun Sao) ने पश्चिम बंगाल चुनाव और कांग्रेस की अंदरूनी कलह को लेकर तीखा हमला बोला है। नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए साव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का संकल्प पत्र (Manifesto) केवल एक चुनावी घोषणा नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की खुशहाली और विकास का रोडमैप (Roadmap of development) है।
मुख्य बिंदु: साव के बयान की बड़ी बातें
- 📌 रोडमैप: भाजपा का संकल्प पत्र बंगाल की जनता की खुशहाली और समग्र विकास का आधार है।
- 📌 आंतरिक कलह: कांग्रेस में निर्णय बार-बार बदले जाते हैं, जिससे जनता का विश्वास (Trust) खत्म हो गया है।
- 📌 महिला सशक्तिकरण: कांग्रेस कभी नहीं चाहती कि नारी शक्ति (Women Power) सशक्त बने, इसलिए वह मोदी सरकार का विरोध करती है।
- 📌 सत्ता परिवर्तन: पश्चिम बंगाल में इस बार ममता बनर्जी सरकार की विदाई और परिवर्तन तय है।
पश्चिम बंगाल में परिवर्तन तय: अरुण साव
अरुण साव ने विश्वास जताया कि इस बार पश्चिम बंगाल में परिवर्तन (Change) होकर रहेगा। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी सरकार से जनता अब छुटकारा चाहती है। भाजपा का संकल्प पत्र युवाओं को आत्मनिर्भर (Self-reliant) बनाने और महिलाओं के सशक्तिकरण (Empowerment) के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
कांग्रेस की ‘फूट’ पर कसा तंज
रायपुर में कांग्रेस वार्ड अध्यक्षों की सूची निरस्त होने पर डिप्टी सीएम ने जमकर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भीतर आंतरिक कलह (Internal conflict) चरम पर है।
- नेतृत्व की कमी: साव ने कहा कि कांग्रेस में अनुशासन और तय प्रक्रिया का पूरी तरह अभाव (Lack) है।
- सत्ता का खेल: जो नेता पावर में आता है, वह अपने हिसाब से कानून चलाता है। जिला अध्यक्ष सूची बनाते हैं और प्रदेश अध्यक्ष उसे निरस्त (Cancel) कर देते हैं।
- कार्यकर्ताओं का अपमान: साव के अनुसार, कांग्रेस की डिक्शनरी में कार्यकर्ताओं और जनता के सम्मान का कोई स्थान नहीं है।
नारी शक्ति पर राजनीति का आरोप
डिप्टी सीएम ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan Adhiniyam) को लेकर भी कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा।
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को अधिकार दे रहे हैं, लेकिन कांग्रेस इस पर भी गंदी राजनीति (Politics) कर रही है। कांग्रेस सिर्फ एक परिवार के बारे में सोचती है, जबकि भाजपा देश को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”

