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डिप्‍टी सीएम अरुण साव ने बघेल पर पर बोला हमला

कवासी लखमा की गिरफ्तारी पर बोले

Chakka Jam  रायपुर। कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर डिप्‍टी सीएम अरुण साव ने लिखा हमला बोला है। भाजपा जिला कार्यालय एकात्म परिसर में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री साव ने कहा कि एक के बाद एक भ्रष्टाचार के मामले सामने आने के बाद कांग्रेस में भी भूपेश बघेल की स्वीकार्यता खत्म हो रही है।

आखिर कब तक भूपेश बघेल, अपनी सरकार में हुए भ्रष्टाचारों पर पर्दा डालने के लिए ऐसे काम करेंगे? प्रदेशवासियों का समय जाया करते रहेंगे? आर्थिक नुकसान करते रहेंगे? पूरी कांग्रेस पार्टी को झोंकते रहेंगे? झूठ-पर-झूठ बोलते रहेंगे?

भ्रष्टाचार कर प्रदेश की जनता को सजा देना चोरी ऊपर से सीनाजोरी

साव ने कहा पहली बार देखा जा रहा है कि भ्रष्टाचारियों के पक्ष में आर्थिक नाकाबंदी करके निर्दोष आम जनता को सजा देने का षड्यंत्र किया गया था। जनता का धन्यवाद कि इसे विफल कर दिया।

भूपेश बघेल कह रहे है कि श्री राम को गाली देने वाले उनके पिता जीवित होते तो आरोपी के जेल जाने पर गर्व महसूस करते। साव ने कहा यह आश्चर्यजनक है कि भूपेश बघेल अपने बेटे की गिरफ्तारी पर कह रहे हैं कि अगर उसके दादा आज जीवित होते तो खुश होते। अनेक बार अन्याय का विरोध करते हुए वे जेल गए थे।

उतर गया है भूपेश बघेल का मुखौटा

हम सभी जानते हैं कि हिंदुत्व का विरोध कर और श्रीराम को दुष्ट कहकर, जातिगत गाली-गलौज कर नंदकुमार बघेल जेल जाते रहे हैं। तो भूपेश बघेल को क्या अब हिंदुत्व और श्रीराम आदि अन्याय लग रहे अब? मुखौटा उतर गया है। पहले कहते थे कि उनके पिताजी से वे सहमत नहीं हैं। अब नंद कुमार बघेल से सहमत हो गए?

Chakka Jam  भ्रष्टाचार को उपलब्धि मान भूपेश भी कह रहे है उनके बेटे को देश जान गया

साव ने कहा भूपेश बघेल तो इस बात पर भी गर्वित और आत्ममुग्ध हैं कि इस गिरफ्तारी के बाद उनके बेटे को पूरा देश जान गया है। एक बाप को अपने बेटे पर गर्व होता है जब वो डॉक्टर बने, इंजीनियर बने, उच्च अधिकारी बने, सामाजिक क्षेत्र में कार्य करते हुए प्रसिद्धि पाए मगर किसी आर्थिक अपराध में नाम शामिल होने में कोई बाप गर्व करे तो इसे आप क्या कहेंगे?

ईडी के प्रेस रिलीज से 1 हजार करोड़ के हेर फेर के आरोप सामने अब बहाने बाजी से काम नहीं चलेगा

साव ने कहा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), रायपुर जोनल कार्यालय की प्रेस रिलीज में भी यह आईने की तरह साफ है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और अनुसूचित अपराधों से अर्जित 2500 करोड़ रुपये से अधिक की आपराधिक आय (पीओसी) लाभार्थियों की जेबों में भर गई।

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