Deputy Speaker रायपुर। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय सरकार के कार्यकाल का तीसरा साल शुरू हो गया है। विधानसभा में सरकार के पास संख्या बल भी पर्याप्त है, लेकिन विधानसभा उपाध्यक्ष का पद अब तक खाली है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि राज्य में दो साल से विधानसभा उपाध्यक्ष का पद खाली है। इसको लेकर शनिवार को विधानसभा अध्यक्ष से सवाल किया गया।
शंकर नगर स्थित स्पीकर हाउस में डॉ. रमन सिंह ने शनिवार को एक प्रेसवार्ता को संबोधित किया। इसमें उन्होंने 23 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र को लेकर जानकारी दी। उन्होंने सदन की होने वाली बैठकों के साथ ही राज्य के अभिभाषण, बजट और सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले विधेयकों की भी जानकारी दी।
प्रेसवार्ता के दौरान विधानसभा के उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर सवाल किया गया। डॉ. रमन सिंह ने पूछा गया कि क्या बजट सत्र के दौरान विधनसभा के उपाध्यक्ष का चुनाव होगा। इस पर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि इस सत्र में विधानसभा के उपाध्यक्ष के चुनाव की संभावना नहीं है।
विधानसभा के उपाध्यक्ष का चुनाव केवल सदन के सदस्य यानी विधायक ही लड़ सकते हैं। पद के लिए एक से अधिक दावेदार होने की स्थिति में मतदान होता है। पहले सामान्यत: यह पद विपक्ष को दिया जाता था, लेकिन 2001 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने भाजपा के उपाध्यक्ष को हटा दिया था, इसके बाद से यह पद सत्ता पक्ष के पास ही रहता है।
भाजपा के बनवारी लाल अग्रवाल छत्तीसगढ़ विधानसभा के पहले उपाध्यक्ष थे। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने उन्हें हटाकर धर्मजीत सिंह को उपाध्यक्ष बनाया था। इसकी वजह से भाजपा नाराज हो गई और 2003 में सत्ता में आने के बाद भाजपा ने अपने विधायकों को उपाध्यक्ष बनाया।