Dhan Kharidi रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस वर्ष किसानों से समर्थन मूल्य पर कितना धान खरीदा जाएगा और खरीदी कब से शुरू होगी, यह तय हो गया है। उम्मीद की जा रही है कि कैबिनेट की अलगी बैठक में इस पर मुहर लगने के बाद घोषणा कर दी जाएगी।
छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से शुरु करने की तैयारी है। पिछले साल भी भी 14 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ की गई थी। इसके पहले के वर्षों में राज्य स्थापना दिवस राज्योत्सव के अवसर पर 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू होती थी।
अफसरों के अनुसार इस बार प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण धान की कटाई व मिंजाई के कार्य में कुछ समय लग सकता है। इसी वजह से धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू करने की तैयारी चल रही है।
खाद्य विभाग के अफसरों के अनुसार प्रदेश में पिछले साल 1 लाख 60 हजार टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया था, जिसके विरूद्ध लगभग 1 लाख 49 हजार टन धान की खरीदी हुई थी। इस साल भी लगभग 1 लाख 60 हजार टन धान खरीदी का लक्ष्य रखे जाने का अनुमान है।
धान खरीदी के अनुमानित लक्ष्य के मद्देनजर राज्य सरकार ने धान खरीदी की तैयारियां शुरू कर दी हैं। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में पंजीकृत किसानों से केंद्र सरकार की तरफ से घोषित समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए समुचित व पारदर्शी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों का पंजीयन एग्रीस्टेक पोर्टल के साथ-साथ एकीकृत किसान पोर्टल में किया जा रहा है। धान उपार्जन के लिए नए व पुराने जूट बारदाने की व्यवस्था की जा रही है। धान की रिसाइक्लिंग रोकने और सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध धान की रोकथाम के लिए विशेष जांच दल गठित किए जाएंगे।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक सभी उपार्जन केन्द्रों में बायोमैट्रिक डिवाइस के माध्यम से उपार्जन की व्यवस्था की जाएगी। धान बेचने टोकन आवेदन की व्यवस्था रहेगी। धान का पैसा किसानों के बैंक खाते में ऑनलाइन भुगतान किया जाएगा। खरीदी केन्द्रों में इलेक्ट्रॉनिक कांटा बांट की व्यवस्था की जाएगी।
छत्तीसगढ़ में अभी कुल 2739 उपार्जन केंद्र हैं। कुछ नए उपार्जन केन्द्र खोलने के भी प्रस्ताव है। पिछले साल प्रदेश में धान बेचने के लिए 27.79 लाख किसानों ने पंजीयन कराया था। इसमें से 25.48 लाख किसानों ने धान बेचा था। इस साल भी पंजीकृत किसानों की संख्या बढ़ने का अनुमान है।
छत्तीसगढ़ में बीते साल हुई थी रिकॉर्ड खरीदी-पिछले साल 1 लाख 60 हजार टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया था। इसके विरूद्ध करीब 1 लाख 49 हजरी टन धान की खरीदी हुई थी। वहीं, खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में 24.75 लाख किसानों से 144.92 लाख खरीदी हुई थी।
प्रदेश के पंजीकृत किसानों से इस साल भी प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान कीखरीदी होगी। बेचे गए धान के एवज में किसानों को प्रति क्विंटल 3100 रुपए का भुगतान किया जाएगा। राज्य में वर्तमान में 2058 सहकारी समितियां हैं। प्रदेश में धान खरीदी के लिए 35 हजार करोड़ रुपए लोन लेने का प्रस्ताव है।
कृषि विभाग के मुताबिक प्रदेश में इस साल अच्छी बारिश होने के कारण धान उत्पादन में बम्पर वृद्धि का अनुमान है। हालांकि इस वर्ष 38.33 लाख हेक्टेयर में धान की बोनी हुई है। जबकि पिछले साल 38.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की बोनी हुई थी।