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Dhan Kharidi सदन में मुसवा पर हंगामा, कांग्रेस के 30 विधायक निलंबित: मंत्री ने विपक्ष के आरोपों को किया खारिज

Dhan Kharidi  रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन जमकर हंगामा हुआ। एक दिन पहले कांग्रेस के सदस्यों ने अफीम की खेती को लेकर सरकार को घेरा था, आज उन्होंने धान के मुद्दे पर सरकार पर हमला बोला। कांग्रेस की तरफ से आज इस विषय में पर स्थगन की सूचना दी गई थी। इस पर मंत्री दयालदास बघेल ने सरकार का पक्ष रखा और विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया।

गर्भगृह में पहुंचे कांग्रेस के विधायक

सदन में मंत्री का जवाब आने के बाद आसंदी ने कांग्रेस के स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। इससे कांग्रेसी विधायक भड़क गए और नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में पहुंच गए। नियमानुसार गर्भगृह में पहुंचे सभी विधायकों को निंलबित कर दिया गया, हालांकि कुछ देर बाद ही उन्हें बहाल भी कर दिया गया।

मुसवा पर हंगामा

इससे पहले स्थगन प्रस्ताव की ग्राहता पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सरकार पर जमकर हमला बोला। विपक्ष की तरफ से मुसवा (चूहा) के नाम पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया गया। कांग्रेस विधायकों की तरफ से दावा किया गया कि धान में सरकार को आठ हजार 500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

धान की भंडारण व्यवस्था पर सवाल

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने धान की भंडरण व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि 2024-25 में में राज्य में किसानों से 149.25 लाख टन धान की खरीदी  की गई। इसमें से 22.71 लाख टन धान का निपटान नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि मार्कफेड के भंडार गृहों से करीब 16 लाख टन और खरीदी केंद्रों से 6.67 लाख टन धान गायब हो गया।

मंत्री ने आरोपों को किया सिरे से खारिज

स्थगन प्रस्ताव के जरिये विपक्ष की तरफ से लगाए गए आरोपों को खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने धान में भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के साथ नुकसान के आरोपों को गलत बताया।

मंत्री ने सदन में रखा धान का पूरा डेटा

मंत्री दयालदास बघेल ने सदन को बताया कि 2024-25 में 25.49 लाख किसानों से एमएसपी पर 149.25 लाख टन धान की खरीदी की गई। इसके एवज में किसानों को एमएसपी का 34,349 करोड़ और कृषक उन्नति योजना के तहत 11 हजार 928 करोड़ समेत कुल 46 हजार 277 करोड़ रुपए  का भुगतान किया गया।

सरकार ने की धान की ऑनलाइन नीलामी

मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि राज्य सरकार के पास करीब 18.36 लाख टन धान बचा था जिसे ऑनलाइन नीलाम किया जा चुका है। इसके अलावा एक लाख 60 हजार टन धान भंडार गृहों और 67 हजार टन खरीदी केंद्रों में है।

चूहों के धान खाने के आरोपों से इनकार

विपक्ष की तरफ से धान को चूहों के खाने के आरोपों को खारिज करते हुए मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि धान में न कोई भ्रष्टाचार हुआ है और चूहों ने खाया है। धान की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है।

78 को नोटिस दो के खिलाफ एफआईआर

मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि राज्य में धान खरीदी कें लिए दो हजार 739 धान खरीदी केंद्रों में से दो हजार 728 केंद्रों के स्टाक का सत्यापन किया जा चुका है। बाकी की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि 78 केंद्रों के प्रभारी और जिला मार्केटिंग अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है। वहीं दो केंद्रों के प्रभारियों के खिलाफ एफआईआर और दो को निलंबित कर दिया गया है।

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