रायपुर। भारत में जनगणना (Census) की प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव हुआ है। अब आपको सरकारी कर्मचारियों (Government Staff) के घर आने का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। आप स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
30 अप्रैल तक सुनहरा मौका (Deadline) 16 अप्रैल से ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन’ (Self-Enumeration) पोर्टल लाइव हो गया है। नागरिक 30 अप्रैल तक अपनी जानकारी ऑनलाइन सबमिट कर सकते हैं। इसके बाद (Afterwards), 1 मई से प्रगणक (Enumerators) घर-घर जाकर डेटा का सत्यापन करेंगे। ऑनलाइन जानकारी देने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि डेटा में स्पेलिंग जैसी गलतियों की संभावना भी शून्य (Zero) हो जाएगी।
6 साल की देरी के बाद शुरू हुई प्रक्रिया गौरतलब है कि पिछली जनगणना 2011 में हुई थी। इसके बाद (Next), यह 2021 में होनी थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसमें देरी हुई। अब यह प्रक्रिया 2026-27 में पूरी की जा रही है। पहले चरण की शुरुआत 2026 में हो चुकी है।
पोर्टल पर ऑनलाइन एंट्री के 8 आसान स्टेप्स (Step-by-Step Guide)
प्रशासन ने नागरिकों की सुविधा के लिए एक सरल प्रक्रिया (Easy Process) तैयार की है। आप इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं:
- स्टेप 1: सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाएं और अपने राज्य (जैसे- छत्तीसगढ़) का चयन करें।
- स्टेप 2: परिवार के मुखिया का नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करें।
- स्टेप 3: अपनी पसंद की भाषा चुनें और मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) को भरकर पिन कोड डालें।
- स्टेप 4: गूगल मैप पर लाल मार्कर को ड्रैग करके अपने मकान की सटीक लोकेशन (Exact Location) मार्क करें।
- स्टेप 5: इसके बाद स्क्रीन पर आने वाले कुल 33 सवालों के जवाब एक-एक कर भरें।
- स्टेप 6: जानकारी भरने के बाद उसे अच्छी तरह जांच लें (Review) ताकि कोई गलती न रहे।
- स्टेप 7: सबमिट करने पर आपको 11 अंकों की एक ‘एसई आईडी’ (SE ID) मिलेगी, जो ‘H’ से शुरू होगी।
- स्टेप 8: जब प्रगणक आपके घर आएं, तो उन्हें यह आईडी दिखा दें। इससे वेरिफिकेशन तुरंत हो जाएगा।
डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा (Data Privacy) कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा लोग ऑनलाइन माध्यम का उपयोग करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों द्वारा दी गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय (Confidential) रखी जाएगी। ऑनलाइन एंट्री करने से प्रगणकों का काम भी आसान होगा और डेटा की शुद्धता (Accuracy) बनी रहेगी।
रायपुर जिले का पिछला रिकॉर्ड आंकड़ों के नजरिए से देखें तो 2011 की जनगणना में रायपुर जिले की कुल आबादी 21 लाख 60 हजार 876 थी। उस समय साक्षर लोगों की संख्या 14 लाख 95 हजार से अधिक थी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार (This time) डिजिटल डेटा की मदद से विकास योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- 1. जनगणना 2026 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि क्या है?
उत्तर: ऑनलाइन सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल पर जानकारी भरने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 है। - 2. क्या ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद भी सरकारी कर्मचारी घर आएंगे?
उत्तर: हाँ, 1 मई से प्रगणक आपके घर आएंगे, लेकिन आपको केवल अपनी 11 अंकों की SE ID दिखानी होगी, जिससे काम जल्दी पूरा हो जाएगा। - 3. ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए कौन सा पोर्टल है?
उत्तर: इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट se.census.gov.in पर जाना होगा। - 4. क्या मेरी जानकारी सुरक्षित रहेगी?
उत्तर: प्रशासन के अनुसार, नागरिकों द्वारा दी गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय (Confidential) और सुरक्षित रखी जाएगी। - 5. फॉर्म भरने में कितना समय लगता है?
उत्तर: ऑनलाइन प्रक्रिया को पूरा करने में लगभग 15 से 20 मिनट का समय लगता है।
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