DMF रायपुर। छत्तीसगढ़ में आर्थिक अपराध अन्वेषण बयूरो EOW ने बड़ी कार्यवाही की है। EOW ने बुधवार को राज्य क चार जिलों में 14 स्थानों पर छापा मारा है। इस दौरान एजेंसी ने दस्तावेजों के साथ डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं।
EOW ने छापे की यह कार्यवही राज्य में पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में हुए कथित जिला खनिज न्यास फंड DMF घोटाले की जांच के सिलसिले में मारा है। ईओडब्ल्यू ने बुधवार को 4 जिलों के 14 स्थानों पर छापामार कार्रवाई की और फर्मों के संचालकों के यहां से दस्तावेज जब्त किए।
ईओडब्ल्यू ने आशंका जताई है कि विभिन्न जिलों के अफसरों की मिलीभगत और मोटा कमीशन देकर काम लिए गए हैं, जिसमें कई फर्जी बिलिंग, वाउचर्स, जीएसटी रिटर्न्स में गड़बड़ी है, इसका अवलोकन कर जांच जारी है।
इसी कड़ी में 29 अक्टूबर बुधवार को राज्य के विभिन्न जिलों में सक्रिय रहे फर्मों/संचालकों के परिसरों-रायपुर में छह, दुर्ग-भिलाई में दो, राजनांदगांव में पांच, धमतरी में एक, इस प्रकार कुल 14 विभिन्न स्थानों पर छापे की कार्रवाई कर तलाशी ली गई।
EOW के अफसरों ने बताया, तलाशी के दौरान डिजिटल साक्ष्य, बैंक स्टेटमेन्ट्स, चल-अचल संपत्ति संबंधी दस्तावेज के अलावा अनेक अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जिनका परीक्षण किया जा रहा है।
एजेंसी ने दस्तावेजों के आधार पर प्रारंभिक रूप से आशंका जताई है कि डीएमएफ से संभवतः राज्य के विभिन्न जिलों के अधिकारियों को मोटा कमीशन देकर काम प्राप्त किया है। जब्त दस्तावेजों में फर्जी बिलिंग, वाउचर्स, जीएसटी रिटर्न्स आदि शामिल हैं।
जानकार सूत्रों के मुताबिक EOW की टीम पिछले कई दिनों से डीएमएफ घोटाले को लेकर काम कर रही थी। इसी योजना के तहत बुधवार को एक साथ छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया गया और सुबह 6 बजे से सभी 14 स्थानों पर एक साथ दबिश दी गई। जब टीम कार्रवाई के लिए पहुंची तब अधिकांश लोग सो रहे थे। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई से छत्तीसगढ़ के व्यापारियों और ठेकेदारों में दिनभर हड़कंप मचा रहा।
मालूम हो कि ड्रिट्रक्ट मिनरल फंड (डीएमएफ) से अलग-अलग टेंडर आवंटन में बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितताएं की गई हैं। टेंडर भरने वालों को अवैध लाभ पहुंचाया गया। डीएमएफ घोटाला मामले में कमीशनखोरी और करप्शन के लिए फंड खर्च के नियमों को बदला गया था। अब इस मामले की जांच की जा रही है
मेघ गंगा ग्रुप के संचालक मनीष पारख के दुर्ग में खंडेलवाल कॉलोनी स्थित बंगले में दबिश दी। यहां मनीष पारख व उनके भाई निलेश पारख से पूछताछ की गई। पूछताछ की कार्रवाई करीब 6 घंटे चली। बता दें कि मेघ गंगा ग्रुप के अंतर्गत 10 फर्म संचालित हैं, इसमें लाइफ केयर, एविश एडुकाम, इमेजेस लैब, महावीर ज्वेलर्स, जयदीप गैस एजेंसी, महावीर स्कूल जैसी बड़ी फर्म शामिल है।
रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित वॉलफोर्ट इन्क्लेव निवासी अमित कोठारी व अशोक कोठारी के घर में टीम ने छापा मारा है। कोठारी परिवार मूलतः कृषि कच्चा माल, खाद्य पदार्थ से जुड़ा कारोबार करता है।
राजनांदगांव के भारत माता चौक स्थित राधाकृष्ण अग्रवाल के निवास पहुंची। इनका कोल माइंस से जुड़ा कारोबार है। इसी तरह सत्यम विहार में सरकारी स्कूल में सप्लाई का काम करने वाले कारोबारी यश नहाटा और रोमिल नहाटा के घर दबिश दी गई।
धमतरी में ठेकेदार अभिषेक त्रिपाठी के घर टीम ने दबिश दी। इसी तरह राजनांदगांव के कामठी लाइन स्थित माइंस कारोबारी व टेंट हाउस संचालक ललित भंसाली के यहां भी छापेमारी की गई।