DMF scam रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस महीने की तीन और चार तारीख को ईडी ने राज्य के 28 स्थानों पर छापा मारा था। दो दिनों तक चली इस जांच को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को एक बयान जारी किया है।
छत्तीसगढ़ के 28 स्थानों पर दो दिनों तक चली छापे मारी को लेकर ईडी ने शनिवार को एक बयान जारी किया है। इसमें ईडी ने बताया कि छापे की कार्यवाही डीएमएफ घोटाला की जांच के सिलसिले में की गई थी।
ईडी की तरफ से जारी लिखित बयान में बताया गया है कि छापे छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड (बीज निगम) से संबंधित ठेकेदारों, विक्रेताओं और उनके संपर्ककर्ताओं और बिचौलियों के आवासीय और आधिकारिक परिसर मारे गए थे।
ईडी ने अपने बयान में बताया है कि तलाशी के दौरान, विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण के साथ 4 करोड़ रुपये की नकदी और 10 किलोग्राम चांदी के बुलियन पाए गए और उन्हें जब्त कर लिया गया।
डीएमएफ घोटाला कोयला से शुरू होकर बीज विकास निगम तक पहुंच गया है। इस मामले की ईओडब्ल्यू-एसीबी पहले से जांच कर रही है। आरोप है कि कोरबा जिला में डीएमएफ की राशि का जमकर बंदरबांट हुआ।
आरोप है कि डीएमएफ का करोड़ों रुपए बीज विकास निगम के जरिये खर्च करना बताया गया है। आरोप है कि वेंडर्स को कृषि उपकरण, मिनी दाल मिल आदि सप्लाई के नाम पर ठेका दिया गया। इसके एवज में ठेकेदारों से 40 से 60 प्रतिशत तक कमिशन वसूला गया।
डीएमएफ घोटाला में ईओडब्ल्यू-एसीबी ने कोरबा की कलेक्टर रही आईएएस रानू साहू समेत कई लोगों को आरोपी बनाया है। कोयला घोटाला के मुख्य अभियुक्तों में शामिल सूर्यकांत तिवारी भी इस मामले में आरोपी हैं।