DR NEWS रायपुर/भोपाल: छत्तीसगढ़ के लाखों पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने छत्तीसगढ़ सरकार के उस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है, जिसमें पेंशनरों की महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत की वृद्धि की बात कही गई थी। इस फैसले के बाद अब छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को बढ़ा हुआ महंगाई राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
विष्णुदेव साय सरकार के प्रस्ताव पर लगी मुहर
बता दें कि छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने 9 फरवरी 2026 को मध्य प्रदेश सरकार को एक औपचारिक पत्र भेजा था। राज्य पुनर्गठन अधिनियम के प्रावधानों के तहत, दोनों राज्यों के बीच पेंशनरों के वित्तीय मामलों में आपसी सहमति अनिवार्य होती है। MP कैबिनेट की इस मंजूरी के साथ ही अब छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को 1 जनवरी 2026 से संशोधित दर पर भुगतान किया जाएगा।
MP पेंशनरों को अब कितना मिलेगा फायदा?
कैबिनेट के फैसले के बाद MP में पेंशनरों को मिलने वाले लाभ का गणित इस प्रकार है:
- सातवां वेतनमान: पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को अब 58% की दर से महंगाई राहत मिलेगी।
- छठा वेतनमान: इस श्रेणी के पेंशनरों को अब 257% की दर से DR का लाभ दिया जाएगा।
मध्य प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों की भी चांदी
मोहन कैबिनेट ने केवल छत्तीसगढ़ के प्रस्ताव को ही मंजूरी नहीं दी, बल्कि खुद के राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को भी बड़ी सौगात दी है।
- 3% की वृद्धि: MP के सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) 1 जुलाई 2025 से बढ़ाकर 58% कर दिया गया है।
- एरियर का भुगतान: जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक का बकाया (Arrears) 6 समान किस्तों में दिया जाएगा।
- भुगतान शेड्यूल: एरियर की पहली किस्त मई 2026 में मिलेगी और आखिरी किस्त अक्टूबर 2026 तक जारी की जाएगी।
इन कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ
कैबिनेट ने एमपी के वित्त विभाग को यह अधिकार दिया गया है कि वे निगमों, मंडलों, उद्यमों और प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत पांचवें व चौथे वेतनमान के कर्मचारियों के लिए भी आनुपातिक आधार पर महंगाई भत्ता बढ़ा सकें।

