Durg News रायपुर। छत्तीसगढ़ में केरल की दो नन की गिरफ्तारी का मामला बुधवार को संसद में उठा। कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल ने संसद में शून्यकाल में उठाया। वेणुगोपाल ने दोनों नन की गिरफ्तारी को गलत बताते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। वेणुगोपाल के आरोपों पर दुर्ग सांसद विजय बघेल ने सदन के अंदर ही जवाब दिया। वहीं, दूसरे सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी इस विषय पर संसद के बाहर तगड़ा पलटवार किया।
इधर, इस मुद्दे पर छत्तीसगढ़ में सियासत गर्म है। प्रदेश कांग्रेस इस विषय पर राज्य सरकार पर लगातार हमले कर रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने ननों की गिरफ्तारी को गलत करार दिया है। उन्होने आरोप लगाया है कि प्रदेश की भाजपा सरकार आरएसएस और बजरंग दल के एजेंडे पर काम कर रही है। बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा मतांतरण का झूठा हव्वा खड़ा करके वोट का ध्रवीकरण करने का प्रयास कर रही है।
इस मामले में केरल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर का एक बयान सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें राजीव चंद्रशेखर कह रहे हैं कि वे दोनों नन को छुड़ाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। दावा किया जा रहा है कि राजीव चंद्रशेखर ने दोनों नन के पक्ष में बयान देते हुए कहा है कि वे (नन) वहां मतांतरण कराने नहीं गए थे।
प्रदेश में कानून का राज है या जंगलराज ?
बजरंगदल के लोग हथियार उठाने की बात कह रहें है और अगर सरकार को उससे कोई आपत्ति नहीं है तो उन्हें AK 47 दे दे। pic.twitter.com/5ryX079LWb
इस बीच केरल और ओडिशा के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल छत्तीसगढ़ पहुंचा है। इस प्रतिनिधिमंडल में सांसद भी शामिल है। इन लोगों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिलकर ननों की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए उन्हें तुरंत रिहा करने करने की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कानून का राज है, कानून के हिसाब से ही काम होगा।
नन की गिरफ्तारी के मामले में एक याचिका जिला कोर्ट में दाखिल की गई, लेकिन कोर्ट ने इसे अपने क्षेत्राधिकार से बाहर बताते हुए सुनवाई से मना कर दिया। जिला कोर्ट ने याचिकाकर्ता को स्पेशल कोर्ट जाने के लिए कहा है।
पूरा मामला दो ननों की गिरफ्तारी से जुड़ा है। केरल की रहने वाली इन दोनों नन को दुर्ग रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। दोनों नन के साथ बस्तर संभाग की तीन आदिवासी लड़कियां भी थी, जिन्हें वे आगरा ले जाया जा रहा था। इस मामले में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की शिकायत पर पुलिस ने दोनों नन को गिरफ्तार किया है। नन के पक्ष में खड़े होने वालों का कहना है कि दोनों आदिवासी लड़कियां अपनी मर्जी से आगरा जा रही थीं। फिलहाल दोनों केंद्रीय जेल में हैं।
केरल की ननों का छत्तीसगढ़ में क्या काम?
देशभर में कांग्रेस और उसके सहयोगी विपक्षी दल सुनियोजित तरीके से धर्मांतरण का उद्योग चला रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों को निशाना बनाया जा रहा है। लालच देकर, भय दिखाकर और प्रलोभन देकर आदिवासियों का धर्म परिवर्तन… pic.twitter.com/AlSAJzzO7D
सासंद बृजमोहन अग्रवाल ने पूछा कि केरल की ननों का छत्तीसगढ़ में क्या काम? देशभर में कांग्रेस और उसके सहयोगी विपक्षी दल सुनियोजित तरीके से मतांतरण का उद्योग चला रहे हैं। छत्तीसगढ़ में विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों को निशाना बनाया जा रहा है। लालच देकर, भय दिखाकर और प्रलोभन देकर आदिवासियों का धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है।
यह सिर्फ एक सामाजिक अपराध नहीं, बल्कि देश की जनसंख्या संरचना और सांस्कृतिक पहचान पर सीधा हमला है। कांग्रेस और विपक्ष की यह साजिश अब बेनकाब हो चुकी है। हम यह नहीं होने देंगे। छत्तीसगढ़ को धर्मांतरण का अड्डा नहीं बनने देंगे! आदिवासियों की आस्था और पहचान की रक्षा के लिए हर मंच पर लड़ाई जारी रहेगी।