
E-office रायपुर। छत्तीसगढ़ में जिलों से लेकर मंत्रालय तक कहीं भी कोई जरुरी फाइल नहीं रुकेगी। शनिवार हो या रविवार या कोई और सार्वजनिक अवकाश जरुरी फाइलों का मूवमेंट बना रहेगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।
सुशासन की पहल
सामान्य प्रशासन विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि छत्तीसगढ़ शासन की तरफ से सुशासन की दिशा में कार्य करते हुए प्रदेश में शासकीय कार्य को अधिक प्रभावी, सरलीकृत, उत्तरदायीं, और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से मंत्रालय, विभागाध्यक्ष और जिले स्तर पर ई-ऑफिस प्रारम्भ किया गया है। मंत्रालय के समस्त विभागों और राज्य के विभिन्न कार्यालयो में ई-ऑफिस के माध्यम से नस्ती और डाक का संपादन किया जा रहा है।
एक जनवरी से कामकाज में यह बदलाव
(अ) 01 जनवरी, 2026 से समस्त विभागाध्यक्ष, संभाग आयुक्त और कलेक्टर कार्यालय मे संपूर्ण कार्यालयीन नस्ती और डाक का संपादन ई-ऑफिस के माध्यम से ही किया जाए। विभाग प्रमुख के अनुमोदन के बिना कोई भी फिजिकल फाईल संचालित नहीं किया जाए।
(ब) ऐसे प्रकरण जिस पर शासन स्तर पर सहमति या अनुमोदन की आवश्यकता हो उसे अधीनस्थ कार्यालयों द्वारा ई-ऑफिस के फाईल (File) के माध्यम से ही शासन को प्रेषित किया जाए। सूचनात्मक पत्राचार ई-ऑफिस के रिसीप्ट (Receipt) के माध्यम से किए जाए।
(स) अधिकारियों द्वारा शासकीय प्रवास के दौरान मुख्यालय से अन्यत्र भी ई ऑफिस के माध्यम से कार्य संपादित किया जाए।
(द) सार्वजनिक अवकाश अवधि में शासकीय सेवक ई-ऑफिस के माध्यम से आवश्यकतानुसार कार्य संपादित कर सकते हैं।
इस काम को हतोत्साहित करने के निर्देश
जीएडी सचिव की तरफ से सभी विभाग प्रमुखों, संभागीय आयुक्तों और कलेक्टरों को जारी इस आदेश में कहा गया है कि यथासंभव दस्तावेज को Digitally Generate किया जाए। प्रिंट लेने के बाद स्कैन कर अपलोड Upload करना हतोत्साहित किया जाए।




