
ED Raid रायपुर। छत्तीसगढ़ में केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फिर एक बार राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर पहुंची है। छापे की यह कार्यवाही भिलाई-3 स्थित निजी आवास में चल रही है। मामला शराब घोटाला से जुड़ा बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि ईडी की टीम शुक्रवार को तड़के ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास पर पहुंची। ईडी की इस टीम में आठ अफसर शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार ईडी की यह जांच राज्य के चर्चित शराब घोटाला से जुड़ा बताया जा रहा है।
घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात
ईडी के छापे के बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अफसरों का अनुमान है कि छापे की खबर फैलते ही समर्थको की भीड़ वहां पहुंच सकती है।
ED की Raid पूर्व CM का बैक टू बैक Twitte
ईडी की कार्यवाही पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने Twitte किया है। एक के बाद किए Twitte में पूर्व सीएम ने ईडी के छापों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। ईडी के छापों की जानकारी पूर्व मुख्यमंत्री ने ही Twitte करके दी।
इस कारण पड़े छापे
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने एक Twitte में ईडी के छापों की वजह बताई है। पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा है कि आज विधानसभा के सत्र का अंतिम दिन है। आज सदन में अडानी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा उठाना था। साहेब ने भिलाई निवास पर ईडी को भेज दिया है।
ताउम्र याद रहेगा जन्मदिन का यह तोहफा
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने दूसरे Twitte में लिखा है कि जन्म दिन का तोहफा मोदी और शाह जी जैसा देते हैं वैसा दुनिया के किसी लोकतंत्र में कोई नहीं दे सकता। मेरे जन्मदिन पर दोनों नेताओं ने मेरे सलाहकार और दो ओएसडी के घर पर ईडी को भेज दिया था। आज मेरे बेटे चैतन्य के जन्मदिन पर मेरे घर पर छापा मारा है। जन्मदिन का यह तोहफा ताउम्र याद रहेगा।
विधानसभा की कार्यवाही में हो रहे हैं शामिल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सुबह से विधानसभा पहुंच चुके हैं। भिलाई निवास से विधानसभा के लिए निकलते हुए उन्होंने मीडिया से बात की, कहा कि कितनी भी ताकत लगा लें भूपेश बघेल न टूटेगा न झूकेगा। उन्होंने कहा कि मोदी और शाह ने अपने मालिक को खुश करने के लिए ईडी को भेजा है।
जानिए- क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला
बता दें कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान राज्य में कथिततौर पर शराब की खरीदी और सप्लाई में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया। ईडी ने करीब 2100 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार होने की बात की थी, वहीं ईओडब्ल्यू की जांच में यह आंकड़ा बढ़कर 3200 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है।
इस मामले में राज्य के तत्कालीन आबकारी मंत्री और कोंटा विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक कवासी लखमा के साथ आबकारी विभाग के अधिकारी और राजनीति से जुड़े लोग भी गिरफ्तार किया जा चुके हैं। ईओडब्ल्यू ने इसी महीने 29 आबकारी अधिकारियों को आरोपी बनाते हुए पूरक चालान कोर्ट में पेश किया है।




