Education रायपुर। छत्तीसगढ़ के एक जिला शिक्षा अधिकारी पर मोना के कुत्ते के नाम का विकल्प भारी पड़ गया। लोक शिक्षण संचालक ने डीईओ को नोटिस जारी कर दिया। मामला महासमुंद जिला का है। डीपीआई ने जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे को नोटिस जारी करके आज ही जवाब मांगा है।
दरअसल महासमुंद जिले में कक्षा चौथी के अंग्रेजी विषय की अर्धवार्षिक परीक्षा में एक प्रश्न पूछा गया- “मोना के कुत्ते का नाम क्या है?” विकल्प में शेरू के साथ राम का नाम भी शामिल था । इसी सवाल पर बवाल मचा हुआ है।
डीपीआई की तरफ से जारी नोटिस में कहा गया है कि जिले की प्राथमिक शालाओं के अर्धवार्षिक परीक्षा के प्रश्न पत्रों का निर्धारण, मुद्रण और वितरण की पूरी जवाबदारी संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी की है, फिर भी आपके जिला में प्रश्न पत्रों को तैयार करने में गंभीर लापरवाही की गई है। इसकी वजह से कक्षा चौथी के अंग्रेजी विषय के प्रश्न पत्र में पूछे गए प्रश्न में कुत्ते के नाम के विकल्प के रूप में हिंदु धर्म के आराध्य देव भगवान राम का नाम सम्मिलित किया गया है, जो कि बहुत ही आपत्ति जनक, निंदनीय और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है, जिससे शासन और विभाग की छवि धूमिल हुई है।
डीपीआई ने लिखा है कि यह कृत्य पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही और उदासीनता को प्रदर्शित करता है, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम तीन के विपरीत गंभीर कदाचार है ।
नोटिस में डीपीआई ने लिखा है कि इस संबंध में क्यों न आपके विरूद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जाए? इस संबंध में आप अपना लिखित प्रतिवाद तत्काल आज ही अधोहस्ताक्षरकर्ता को प्रस्तुत करें। आपको यह भी सूचित किया जाता है कि यदि आपका प्रतिवाद निर्धारित समयावधि में प्राप्त नहीं होता है, तो आपके विरूद्ध नियमानुसार एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी ।