
Education News रायपुर। छत्तीसगढ़ में T-संवर्ग के व्याख्याता, व्याख्याता एलबी और स्नातकोत्तर की पदोन्नति सूची जारी हुई है। इसमें एक बड़ी चूक का मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ ने डीपीआई को पत्र लिखकर इस चूक की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
1335 शिक्षकों को किया गया था पदोन्नत
शालेय शिक्षक संघ के प्रमुख संगठन मंत्री ओंकार सिंह ने लोक शिक्षण संचालनालय को पत्र लिखा है। इसमें बताया है कि T-संवर्ग के कुल-1335 व्याख्याता, व्याख्याता LB और स्नातकोत्तर / प्रशिक्षित प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला को, छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती और पदोन्नति नियम-2019 के प्रावधानों के अनुरुप, प्राचार्य पद पर पदोन्नति प्रदान की गई है।
इस पदोन्नति के लिए फीडिंग केडर की 01 अप्रैल 2023 की वरिष्ठता सूची और 01 जनवरी 2024 को प्राचार्य के रिक्त पदों की संख्या के आधार पर पात्र फीडर लोक सेवकों की “पदोन्नति उपयुक्तता” सूची तैयार की गई थी, जो कि विभागीय पदोन्नति समिति के समक्ष दिसंबर 2024 विचारण के लिए प्रस्तुत की गई। 7 मार्च 2025 को समिति की अनुशंसा के बाद 30 अप्रैल 2025 को संदर्भित पदोन्नति आदेश जारी किया गया।
Education News छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम का उल्लेख
संघ के प्रमुख संगठन मंत्री ओंकार सिंह ने लिखा है कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पदोन्नति) नियम-2003 के नियम-6 (3)…..के अनुसार पदोन्नति के लिए उपलब्ध रिक्त पदों की संख्या की गणना- “पदोन्नति वर्ष की एक जनवरी को विद्यमान रिक्त पद, उस वर्ष 01 जनवरी से 31 दिसंबर के बीच प्रत्याशित रिक्त पद और एक वर्ष से अधिक अवधि की प्रतिनियुक्ति से उद्भूत होने वाली रिक्तियों को शामिल करते हुए की जानी थी” से स्पष्ट है कि “पदोन्नति उपयुक्तता” के लिए विचारण सूची 01 जनवरी 2025 की स्थिति में तैयार कर विभागीय पदोन्नति समिति के समक्ष विचारण के लिए प्रस्तुत की गई थी, जिसमें जनवरी, फरवरी और मार्च-2024 की अवधि में सेवानिवृत्त होने वाले व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी. और स्नातकोत्तर / प्रशिक्षित प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला के नाम सम्मिलित थे।
यह हो गई चूक
प्रमुख संगठन मंत्री ओंकार सिंह ने बताया है कि 30 अप्रैल 2025 के पदोन्नति आदेश में ऐसे सभी व्याख्याता, व्याख्याता LB और स्नातकोत्तर / प्रशिक्षित प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला के नाम विलोपित कर दिए गए जो कि उपयुक्तता सह-वरिष्ठता आधारित इस पदोन्नति के लिए सूचीबद्ध व अनुशंसित थे। 31 जनवरी 2024 से 31 मार्च 2025 की अवधि में सेवानिवृत्त हो गए।
छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पदोन्नति) नियम-2003 के नियम-6 (7)…..के अनुसार पदोन्नति-पदो के भरने के लिए – “प्रत्येक लोक सेवक के मामले में, उसकी स्वयं की योग्यता-उपयुक्तता के आधार पर पृथक-पृथक विचार करेगी अर्थात लोक सेवकों की पारस्परिक योग्यता- उपयुक्तता का कोई तुलनात्मक निर्धारण नहीं होगा” तथा नियम-6 (9)….के अनुसार “विचारण सूची में सम्मिलित किए गए लोक सेवकों के नाम फीडर संवर्ग के आधार-पदक्रम सूची (वरिष्ठता सूची) में दर्शाए गए क्रम में रखे जाएंगे” अतः उपर वर्णित अवधि में सेवानिवृत्त होने वाले लोक सेवकों के नाम “सेवानिवृत्ति” के आधार पर पृथक नहीं किया जा सकता है और चूंकि विचारण सूची, फीडर संवर्ग के वरिष्ठता सूची. 1 अप्रैल 2023 के आधार पर तैयार की गई है अतएव पदोन्नति वर्ष-2025 में नवीन वरिष्ठता सूची प्रकाशित किए बिना 2023 के आधार वरिष्ठता सूची को संशोधित करते हुए “सेवानिवृत्ति” के आध् गार पर पात्र फीडर लोक सेवकों के नाम विलोपित किया जाना नियम संगत नहीं है। यह अत्यन्त हतोत्साहित करने वाला, असंतोषकारक विषय है।
Education News कोर्ट केस का हवाला
के. माधवन व अन्य बनाम भारत संघ और अन्य AIR 1987 SC 2291: (1987) 4 SCC 566: 1987 SCC (L&S) 496- में माननीय उच्चतम न्यायालय ने यह मत व्यक्त किया है कि… यदि विभागीय पदोन्नति समिति के असद्भाविक या मनमाने (malafide or arbitrarily) और किसी लोक सेवक पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले किसी भी युक्तियुक्त न्यायोचित्य कारण के बिना, उच्च पद पर पदोन्नति नहीं की गई है तो सरकार ऐसे लोक सेवक को भूतलक्षी प्रभाव से पदोन्नत कर न्याय कर सकती है।
पत्र पदोन्नति देने की मांग
इस संबंध में छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ की ओर से निवेदन है कि पदोन्नति के लिए विचारण सूची में सम्मिलित व जनवरी, फरवरी और मार्च-2025 की अवधि में सेवानिवृत्त होने वाले ऐसे सभी व्याख्याता, व्याख्याता LB और स्नातकोत्तर / प्रशिक्षित प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला को प्राचार्य पद की पत्र-पदोन्नति प्रदान की जाए।




