EITC रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी बिजली कंपनी के कई फैसले अक्सर सुर्खियां बन जाती है। कंपनी प्रबंधन ने इस बार भी ऐसा कुछ कर दिया है जिस पर चर्चाओं का बाजार गरम हो गया है। इस बार कंपनी अपने एक पोस्टिंग आर्डर को लेकर चर्चा में है।
बिजली कंपनी का जो आर्डर चर्चा में है उसे वितरण कंपनी के ईडी (मानव संसाधन) ने जारी किया है। 3126 नंबर का यह स्थानांतरण आदेश 12 अगस्त को जारी हुआ है। इसमें एक चीफ इंजीनियर की कार्यपालक निदेशक के अधीन पोस्टिंग कर दी है। इसमें भी जिस चीफ इंजीनियर का ट्रांसफर किया गया है वे सिविल वाले हैं उन्हें Energy Infotech Centre (EITC) में पदस्थ कर दिया गया है।
सिविल के जिस चीफ इंजीनियर का ट्रांसफर किया गया है उनका नाम फारुख अहमद खान हैं। इंजीनियर खान अभी मुख्यालय में स्थित The Chief Engineer (Civil-Distribution) के प्रभारी थे। यानी विभागाध्यक्ष (HOD) की भूमिका में थे। 12 अगस्त को जारी आदेश के अनुसार उन्हें समान पद पर स्थानांतरित करते हुए कार्यपालक निदेशक (EITC) के कार्यालय में पदस्थ किया गया है।
इस स्थानांतरण आदेश को लेकर दो बातें कही जा रही है। एक तो यह कि कंपनी में किसी भी मुख्य अभियंता की पोस्टिंग कार्यपालक निदेशक के अधीन नहीं की जाती है। दूसरा चीफ इंजीनियर रैंक के सिविल इंजीनियर का सीधे सूचना प्रद्योगिकी में क्या काम। दोनों एक दूसरे से एकदम विपरीत है।
इंजीनियर एफए खान के ट्रांसफर को लेकर पावर कंपनी में कई तरह की चचाएं हैं। एक सिविल इंजीनियर के EITC में ट्रांसफर की वजह तलाशी जा रही है। हालांकि इस विषय पर कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन चर्चा है कि ऐसा करके इंजीनियर खान को लूप लाइन में डाला गया है। लूप लाइन में डालने के कारणों पर भी बात हो रही है।
कंपनी के कर्मचारी नेताओं का कहा कि सरकार और सरकारी विभाग नियमों पर चलता है। इसमें गलती करने वाले शासकीय सेवकों के लिए भी नियम और प्रक्रिय तय है। ऐसे में गलती करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही होनी चाहिए, न की ट्रांसफर। कंपनी से जुड़े एक उच्च पदस्थ सूत्र का दावा है कि EITC के अलावा दूसरे स्थानों पर भी इंजीनियर खान के ट्रासंफर के विकल्प पर विचार किया गया था, लेकिन…।