Electricity Company रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी बिजली कंपनी के इंजीनियरों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अभियंता संघ की 12 दिसंबर को बैठक बुलाई गई है। वहीं, 15 दिसंबर को चेयरमैन से मिलने की तैयारी है।
अभियंता संघ की यह बैठक बिजली बिल पर मिलने वाली रियायत बंद करने को लेकर है। बता दें कि अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रदान की जा रही बिजली बिल संबंधित रियायत को कंपनी प्रबंधन ने एक तरफा रूप से बंद कर देने के निर्णय से अभियंताओं में गहरा असंतोष व्याप्त है।
अभियंता संघ के संगठन सचिव की तरफ से जारी सूचना में बताया गया है कि अभियंता संघ की सभी क्षेत्रिय ईकाईयों में 12 दिसंबर 2025 को बैठक रखी गई है। 15 दिसंबर 2025 को सभी सदस्य एकत्रित होकर अध्यक्ष (पावर कंपनीज़) को ज्ञापन संबंधित मुख्य अभियंता को क्षेत्रिय सचिव के नेतृत्व में सौंपा जाएगा। हर क्षेत्रिय ईकाई मे बैठक करवाने के लिए केंद्रीय कार्यकारिणी के 02 सदस्य मौजूद रहेंगें।
संगठन सचिव की तरफ से जारी सूचना के अनुसार रायपुर क्षेत्रिय ईकाई में बैठक 15 दिसंबर 2025 को रखी गई है। इस कार्यक्रम में सभी अभियंता साथियों से निवेदन है कि अभियंताओं के हितों की रक्षा के लिए अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाए।
उल्लेखनीय है कि कंपनी प्रबंधन की तरफ से कंपनी के सभी इंजीनियरों, अधिकारियों और कर्मचारियों पर निजी आवास पर सोलर प्लांट लगाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। कंपनी प्रबंधन की तरफ से इसके लिए 24 नवंबर तक पंजीयन कराने का निर्देश दिया था। पंजीयन नहीं कराने वालों को मिलने वाली रियायत बंद करने की चेतावनी दी गई थी।
पावर कंपनी के स्टाफ को दिसंबर में जारी बिजली बिल में छूट नहीं दी गई है। सामान्य उपभोक्ताओं की तरह उन्हें बिल जारी किया गया है। इसी वजह से कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों में रोष है। महासंघ ने पहले ही इसके खिलाफ हल्ल बोल दिया है।