Electricity Company रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी बिजली कंपनी के सेवानिवृत्त कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने बिजली कंपनी के नवा रायपुर में प्रस्तावित नए मुख्यालय से लेकर विभिन्न विषयों पर अपनी बात रखी। महासंघ ने मुख्यमंत्री के सामने नवा रायपुर में मुख्यालय बनाए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई है।
सेवानिवृत्त कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ यह मुलाकात सोमवार की रात में हुई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बुलावे पर महासंघ का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री के शासकीय आवास पर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल और मुख्यमंत्री के बीच बिजली कंपनी से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से बात की।
कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर पावर कंपनी की गतिविधियों से अवगत करते हुए 217 करोड़ की लागत से प्रस्तावित पांच सितारा भवन निर्माण योजना के कंपनी पर पडऩे वाले दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए इसे निरस्त करने की मांग रखी। यह भी बताया गया कि भवन निर्माण पूरा होते तक इसकी लागत लगभग 500 करोड़ आने की पूरी संभावना है जिसका भार अंततोगत्वा जनता पर पड़ेगा जो कि पूर्णतया अनुचित है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिनिधियों की बात को ध्यान से सुनने के बाद उचित कार्यवाही का भरोसा दिलाया।
महासंघ के प्रतिनिधियों ने कंपनी में दवा आपूर्ति नहीं होने से सेवानिवृत्तों को हो रही तकलीफ के कारण विशाल प्रदर्शन की जानकारी देते हुए ज्ञापन की प्रति भी मुख्यमंत्री को सौंप कर जांच कार्यवाही का निवेदन किया। प्रतिनिधिमंडल में सेवानिवृत्त महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण देवांगन, प्रदेश उपाध्यक्ष जगजीत सिंह वालिया, कोषाध्यक्ष हेमेंद्र जाधव और प्रदीप देवांगन उपस्थित रहे ।
बता दें कि महासंघ की तरफ से सोमवार को ही दोपहर में बिजली कंपनी मुख्यालय के सामने प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान महासंघ ने 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा था