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Electricity बिजली दरों पर जनसुनवाई: उपभोक्‍ताओं के निशाने पर रहे बिजली कंपनी के लाइनमैन

Electricity  बिजली दरों पर जन सुनवाई: उपभोक्‍ताओं के निशाने पर रहे बिजली कंपनी के लाइनमैन

Electricity रायपुर। छत्‍तीसगढ़ की सरकारी बिजली कंपनियों सीएसपीजीसीएल, सीएसपीटीसीएल और सीएसपीडीसीएल की तरफ से वित्‍तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों का निर्धारण करने के लिए राज्‍य विद्युत नियामक आयोग को दिए गए प्रस्‍ताव पर गुरुवार से आयोग के कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई।

दो दिन चली ऑनलाइन सुनवाई

इस बार आयोग ने राज्‍य के अलग-अलग क्षेत्रों के उपभोक्‍ताओं की सुविधा के लिए दो दिनों तक ऑनलाइन सुनवाई की व्‍यवस्‍था की थी। 17 और 18 फरवरी को ऑनलाइन सुनवाई हुई। आज से रायपुर स्थित आयोग के कोर्ट में जनसुनवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई। आयोग के कोर्ट में 19 और 20 को उपभोक्‍ता अपना पक्ष रखेंगे।

उपभोक्‍ताओं ने लाइनमैन पर साधा निशाना

बिजली दरों पर सुनवाई के दौरान गुरुवार को किसान प्रतिनिधियों ने ग्रामीण क्षेत्रों के लाइनमैन पर जमकर निशाना साधा। आरोप लगाया कि एई और जीई से ज्‍यादा कमाई लाइनमैन करते हैं। आरोप लगाया कि पूरे सेवाकाल के दौरान लाइनमैन एक ही स्‍थान पर काम करते हैं, इसलिए मैदानी स्‍तर पर वे ज्‍यादा गड़बड़ी करते हैं।

ट्रांसफर करने का प्रस्‍ताव

जनसुनवाई में पक्ष रहे उपभोक्‍ताओं ने लाइनमैन के ट्रांसफर का प्रस्‍ताव रखा। आयोग से आग्रह किया कि लाइनमैन को प्रदेश स्‍तर पर नहीं तो कम से कम जिला स्‍तर पर ट्रांसफर किया जाए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में व्‍यवस्‍था सुधरेगी।

उद्योगों की तरह कृषि को भी प्राथमिकता देने की मांग

किसान प्रतिनिधियों ने बिजली के मामले में उद्योगों की तरह किसानों को भी प्राथमिकता देने का आग्रह किया। इस दौरान किसानों के लिए वन टाइम सैटलमेंट की भी मांग की गई।

बिजली कटौती समेत अन्‍य समस्‍याएं

इस दौरान किसान प्रतिनिधियों की तरफ से पंप कनेक्‍शन में बिजली कटौती, वोल्‍टेज की समस्‍या और बिलिंग आदि का भी मुद्दा उठाया। रायपुर शहर जिला और ग्रामीण के अध्‍यक्षों व पूर्व महापौर ने भी आयोग के सामने पक्ष रखा।  

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