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Electricity Rate बिजली दरों पर CM की पहली प्रतिक्रिया बोले…कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, कांग्रेस ने किया आंदोलन का ऐलान

Electricity Rate रायपुर। छत्तीसगढ़ में सभी श्रेणी की बिजली एक जुलाई से महंगी हो गई है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2025- 26 के लिए बिजली की नई दरों का ऐलान कर दिया है।

सभी श्रेणी की बिजली कीमतों में बढ़ोतरी किए जाने को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसको लेकर चरणबद्ध आंदोलन करने का ऐलान कर दिया है। इधर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की भी प्रतिक्रिया सामने आई है।

बिजली की नई दरों पर क्या कहा मुख्यमंत्री ने..

छत्तीसगढ़ में एक जुलाई से लागू की गई बिजली की नई दरों को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहली प्र्रतिक्रिया सामने आई है। मुख्यमंत्री साय ने मीडिया से चर्चा करत हुए इसे नामिनल वृद्धि बताया है। उन्होंने कहा कि इससे गरीबों और किसानों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

Electricity Rate सब्सिडी के कारण नहीं होगा असर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम उपभोक्ताओं के बिजली दर में 10 से 20 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। राज्य सरकार इस श्रेणी के उपभोक्ताओं को बिजली बिल हाफ योजना का लाभ दे रही है। वहीं, किसानों को पांच एचपी तक के कृषि पंपों के लिए तीन हजार यूनिट बिजली नि:शुल्क दी जा रही है। यह राशि राज्य सरकार की तरफ से बिजली कंपनी को दिया जाता है।

Electricity Rate कांग्रेस को मिल गया बड़ा मुद्दा

बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को कांग्रेस ने मुद्दा बना लिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पार्टी इस बढ़ोतरी के खिलाफ राज्यव्यापी चरणबद्ध आंदोलन चलाएगी।

सबसे ज्यादा पंप कनेक्शन में बढ़ोतरी

विद्युत नियामक आयोग की तरफ से शुक्रवार को जारी बिजली की नई दरों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कृषि पंपों की बिजली दर में की गई है। आयोग ने कृषि पंपों की बिजली दर में सीधे 50 पैसा प्रति युनिट की बढ़ोतरी की गई है। इसी तरह घरेलू श्रेणी में 10 से लेकर 20 पैसे तक की बढ़ोतरी की गई है। बिजली दरों में की गई इस वृद्धि का असर अगस्त में आने वाल बिल पर पड़ेगा।

… तो सीधे 20 प्रतिशत महंगी हो जाती बिजली

बिजली कंपनियों की तरफ से आयोग को जो प्रस्ताव दिया गया था, आयोग यदि उसे स्वीकार कर लेता तो बिजली दरों में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती। आयोग के अनुसार कंपनी ने कुल 28 हजार करोड़ रुपए की राजस्व जरुरत के साथ मौजूदा दरों पर 4947 करोड़ रुपए की भरपाई की मांग आयोग के सामने रखा था। आयोग ने राजस्व जरुरत 25 हजार करोड़ रुपए से कुछ अधिक मान्य किया है।

केवल 523 करोड़ का अंतर

बिजली वितरण कंपनी की तरफ से आयोग को दिए गए प्रस्ताव में कहा गया था कि मौजूदा बिजली दरों पर बिलिंग की स्थिति में कंपनी के आय और व्यय में 4947 करोड़ रुपए अतिरिक्त राजस्व की जरुरत पड़ेगी। आयोग के परीक्षण के बाद कंपनी की राजस्व जरुरत को 523 करोड़ रुपए मान्य किया है।

छत्तीसगढ़ में अब तक हुई बिजली दरों में बढ़ोतरी

वर्ष बिजली की दर

2003-04 3.30

2017-18 6.40 (+3.10)

डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के 15 साल के कार्यकाल में घरेलू बिजली दरों में 3.10 रुपए की बढ़ोतरी की गई, जो करीब 94 प्रतिशत है।

कांग्रेस के पांच सालों में बिजली की औसत दर

वर्ष बिजली की दर वृद्धि

2018-19 6.20

2019-20 5.93 (-27)

2020-21 5.93 (0)

2021-22 6.08 (+15)

2022-23 6.22 (+12)

2023-24 6.22 (0)

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