Electricity rates रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस साल भी बिजली महंगी की दर बढ़ सकती है। बिजली वितरण कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विद्युत नियामक आयोग को टैरिफ प्रस्ताव भेज दिया है। इसमें कंपनी ने अपनी आय और व्यय के बीच बड़ा गैप बताया है।
छत्तीसगढ़ राज्य बिजली वितरण कंपनी ने नए टैरिफ के लिए प्रस्ताव विद्युत नियामक आयोग भेज दिया। कंपनी ने मौजूदा दरों पर होने वाली आय को खर्च 5500 करोड़ ज्यादा बताया है। आसान शब्दों में कहें तो मौजूदा दरों पर वितरण कंपनी को 5500 करोड़ से ज्यादा का नुकसान होगा। कंपनी ने जिसकी भरपाई के लिए बिजली की दर में बढ़ोत्तरी का फैसला आयोग पर छोड़ दिया है।
बिजली की दर हर साल तय होती है। चालू वित्तीय वर्ष के लिए पिछली बार जुलाई में नए टैरिफ की घोषणा नियामक आयोग ने किया था। आयोग ने सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं की बिजली दर में 20 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोत्तरी की थी। अब नए वित्तीय वर्ष में नए टैरिफ की तैयारी शुरू हो गई है। आय व्यय के ब्यौरे के साथ बिजली वितरण कंपनी ने विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव भेज दिया है। जनरेशन कंपनी का टैरिफ प्रस्ताव भी आयोग में पहुंच गया है।
बिजली कंपनियों ने मिले प्रस्तावों का परीक्षण करने के बाद आयोग इसका प्रकाशन करेगा। इसके बाद जनसुनवाई की प्रक्रिया शुरू होगी। जनसुनवाई के दौरान उपभोक्ताओं के सुझाव और आपत्तियों के आधार पर बिजली की नई दर तय की जाएगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वितरण कंपनी ने आय और व्यय के बीच 5500 करोड़ का गैप बताया है। इसकी भरपाई के लिए बिजली दर में बढ़ोत्तरी की बात कही गई है।
हालांकि कंपनी ने बिजली दर में बढ़ोत्तरी का निर्णय विद्युत नियामक आयोग पर सौंपा है। गौरतलब है कि पिछले टैरिफ में कंपनी प्रबंधन ने 4900 करोड़ राजस्व घाटा बताया था परंतु आयोग ने परीक्षण के बाद केवल 523.43 करोड़ की मान्य किया था। जनसुनवाई जनवरी के अंतिम अथवा फरवरी के पहले सप्ताह में संभावित है।