
न्यूज डेस्क । देश में इस साल रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के साथ बिजली की मांग 270 गीगावाट (GW) तक पहुंचने का अनुमान है। इस संभावित संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने अभी से कमर कस ली है। ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 1 अप्रैल 2026 से देश के सभी पावर प्लांट अपनी पूरी क्षमता (Full Load) पर काम करेंगे, ताकि पीक सीजन में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
1 अप्रैल से ‘फुल लोड’ ऑपरेशन: सरकार का मास्टर प्लान
ऊर्जा मंत्रालय ने आगामी गर्मियों (अप्रैल से जून) के दौरान मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाने के लिए महत्वपूर्ण रणनीति साझा की है:
सख्त निर्देश: सभी बिजली उत्पादन इकाइयों को आदेश दिया गया है कि वे 1 अप्रैल से अधिकतम क्षमता पर उत्पादन शुरू करें।
मेंटेनेंस शेड्यूलिंग: प्लांटों के रखरखाव (Maintenance) का काम मार्च के अंत तक पूरा करने को कहा गया है ताकि पीक डिमांड के समय कोई यूनिट बंद न रहे।
लक्ष्य: पिछले साल जून में मांग 242.77 GW थी, लेकिन इस बार इसके 270 GW तक जाने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य किसी भी स्थिति में सप्लाई में व्यवधान (Disturbance) न आने देना है।
डेटा स्रोत: विद्युत मंत्रालय और ऊर्जा विभाग
ऊर्जा मंत्री का रुख: “यह एक इमरजेंसी है”
ऊर्जा मंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र की मौजूदा स्थिति को ‘इमरजेंसी’ करार दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कीमतों में अस्थिरता है, जिसका असर घरेलू स्तर पर भी दिख रहा है।
LPG का झटका: तेल कंपनियों ने वैश्विक दरों में उछाल के चलते 7 मार्च 2026 को रसोई गैस के दाम में ₹60 प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी कर दी है।
मंत्री का आश्वासन: मंत्री ने भरोसा दिलाया कि “हम पावर सेक्टर में इस तरह आगे बढ़ रहे हैं कि बिजली की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आएगी। पीक डिमांड 270 GW के पार नहीं जाएगी और हम इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।”
बिजली की मांग: क्या कहते हैं पुराने आंकड़े?
भारत में बिजली की खपत हर साल नए रिकॉर्ड बना रही है। पिछले कुछ वर्षों का ट्रेंड देखें तो मांग में लगातार बढ़ोतरी हुई है:
मई 2024: मांग 250 GW के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंची थी।
सितंबर 2023: मांग 243.27 GW दर्ज की गई थी।
फरवरी-मार्च 2025: बिजली की मांग 238 GW से बढ़कर 243.15 GW तक पहुंच गई थी।
अनुमान: पिछले साल सरकार ने 277 GW का अनुमान लगाया था, लेकिन वास्तविक मांग जून 2025 में 242.77 GW रही थी। इस साल इसके 270 GW के आसपास स्थिर रहने की संभावना है।






