Energy audit रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली बिल को लेकर नगरीय प्रशासन विभाग और पावर कंपनी के बीच घमासान के आसार बढ़ गए हैं। पावर कंपनी के बड़े बकायादारों में शामिल नगरीय प्रशासन विभाग ने निकायों में बिजली बिल का एनर्जी ऑडिट कराया है। दावा है कि ऑडिट में करोड़ों रुपए की गड़बड़ी समाने आई है।
एनर्जी ऑडिट में सामने आई बिलिंग में गड़बड़ी को लेकर नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निकायों को बिजली वितरण कंपनी CSPDCL के पोर्टल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
नगरीय प्रशासन विभाग की तरफ से निकायों को जारी पत्र के अनुसार जुलाई 2025 की स्थिति में 10 लाख से अधिक की बकाया राशि वाले 2571 विद्युत कनेक्शन है। इनकी कुल बकाया राशि 681.12 करोड़ है।
कनेक्शनों का मार्च 2023 से लंबित देयकों का ऑडिट किए जाने पर मात्र 91.69 करोड़ के 484 कनेक्शन (18.83 प्रतिशत) के देयक त्रुटि रहित परिलक्षित हुए है। बाकी देयकों में विभिन्न प्रकार की विसंगतियां परिलक्षित हुई है।
1. त्रुटिपूर्ण गुणांकः- विभिन्न नगरीय निकायों के कुल 146 विद्युत कनेक्शनों जिनकी सकल बकाया राशि रुपए 68.65 करोड़ है। इन बिलों में दर्ज विद्युत खपत के यूनिट में गुणांक (गुणांक 2,3,4 और 5) उपयोग कर बिल जारी किए गए हैं।
2. मीटर रीडिंग में विसंगतिः- विभिन्न नगरीय निकायों के 1941 विद्युत कनेक्शन, जिनकी सकल बकाया राशि रुपए 520.78 करोड़ है। इनमें प्रत्येक माह की वास्तवित रीडिंग नहीं लिए जाने के कारण दर्ज औसत विद्युत खपत यूनिट वास्तविक उपभोग की तुलना में अत्यधिक परिलक्षित हुए है।
3. त्रुटिपूर्ण टैरिफः– विभिन्न नगरीय निकायों के जलप्रदाय कार्यों के लिए स्थापित विद्युत कनेक्शनों में व्यवसायिक टैरिफ के आधार पर देयक तैयार किए गए हैं और पॉवर फैक्टर भी त्रुटिपूर्ण परिलक्षित हुए हैं।
4. असामान्य विद्युत खपतः विभिन्न नगरीय निकायों में स्मार्ट मीटर के स्थापना के बाद पूर्ववत विद्युत उपभोग होने पर स्मार्ट मीटर अनुसार विद्युत खपत की रीडिंग और पूर्व के देयकों में अंकित रीडिंग में अत्यधिक विसंगति परिलक्षित हुई है।