
न्यूज डेस्क। भारत के ऊर्जा क्षेत्र (Energy Sector) में हलचल तेज हो गई है। वित्त वर्ष 2026 के नतीजों ने निवेशकों और उद्योग जगत को चौंका दिया है। एक तरफ जहाँ Indian Energy Exchange (IEX) ने अब तक का सबसे बड़ा कारोबार (Record Volume) दर्ज किया है, वहीं Adani Energy और ReNew जैसी दिग्गज कंपनियों ने भविष्य के लिए बड़े दांव खेल दिए हैं।
IEX का अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन (Unprecedented Growth)
देश के सबसे बड़े बिजली एक्सचेंज, IEX ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने ऑडिटेड परिणाम घोषित कर दिए हैं। कंपनी का शुद्ध लाभ (Profit After Tax) सालाना आधार पर 14.9% बढ़कर 492.9 करोड़ रुपये हो गया है।
मुख्य हाइलाइट्स:
- कुल आय (Revenue): 13.6% की वृद्धि के साथ ₹747.0 करोड़ रही।
- ट्रेडेड वॉल्यूम: रिकॉर्ड 141.1 बिलियन यूनिट्स (BU) की बिजली का व्यापार हुआ।
- बिजली की कीमतें: डे-अहेड मार्केट (DAM) में कीमतों में 13.7% की गिरावट आई, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली।
- लाभांश (Dividend): बोर्ड ने ₹2 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की घोषणा की है।
ReNew का आंध्र प्रदेश में मेगा इन्वेस्टमेंट (Green Energy Push)
नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ReNew ने आंध्र प्रदेश के रामबाली में ₹5,400 करोड़ के निवेश के साथ Solar Wafer Manufacturing यूनिट की आधारशिला रखी है।
इस प्रोजेक्ट की खास बातें:
- क्षमता: 6.5 GW इंगोट और वेफर निर्माण।
- रोजगार: 2,100 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी।
- लक्ष्य: यह भारत के 2030 तक 500 GW अक्षय ऊर्जा लक्ष्य का हिस्सा है।
Patel Engineering और GR Infra को मिले बड़े प्रोजेक्ट्स
इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में भी बड़ी गतिविधियां देखी जा रही हैं। Patel Engineering को नेपाल में 669 MW के लोअर अरुण जलविद्युत परियोजना (Hydropower Project) के लिए ₹1,593 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। वहीं, GR Infraprojects ने NTPC के साथ ₹413.37 करोड़ के Battery Energy Storage System (BESS) के लिए समझौता किया है।
कॉर्पोरेट जगत की अन्य बड़ी खबरें (Quick Round-up)
यहाँ ऊर्जा क्षेत्र की कुछ अन्य महत्वपूर्ण अपडेट्स दी गई हैं:
- Rocklink India: उत्तर प्रदेश के सिकंदराबाद में लिथियम-आयन बैटरी और दुर्लभ पृथ्वी (Rare Earth) रीसाइक्लिंग प्लांट शुरू किया।
- Saatvik Green Energy: मेलकॉन ट्रांसफॉर्मर्स में 80% हिस्सेदारी खरीदी, अब ट्रांसफॉर्मर निर्माण में भी कदम रखा।
- Tata Power: ‘TP Urja Limited’ नाम से नई सहायक कंपनी (Wholly Owned Subsidiary) बनाई।
- KP Energy: CERC से इंटर-स्टेट बिजली ट्रेडिंग लाइसेंस प्राप्त किया।
- Hindustan Power: पंजाब में 100 MW का सोलर प्रोजेक्ट जीता।
- Eveready: जम्मू के सांबा में ₹200 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक एल्कलाइन बैटरी प्लांट शुरू किया।
Coal India का सोलर मिशन और ग्लोबल एक्सपेंशन
Kosol Energie ने गुजरात के बनासकांठा में कोल इंडिया के लिए 142 MWp का सोलर प्रोजेक्ट समय से पहले पूरा किया है। दूसरी ओर, Ashoka Buildcon ने अंगोला (अफ़्रीका) में बिजली वितरण नेटवर्क के पुनर्वास के लिए 72.36 मिलियन डॉलर का अंतरराष्ट्रीय कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है।
विशेषज्ञों की राय (Expert Opinion on Energy Future)
ऊर्जा क्षेत्र में आ रहे ये बदलाव भारत की Energy Security और Green Transition के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। बिजली की ट्रेडिंग में आई पारदर्शिता (Transparency) और नई तकनीक जैसे BESS और लिथियम रीसाइक्लिंग भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़े कदम हैं।
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डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
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