EoW Raid रायपुर। छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) की टीमों ने राज्य के आधा दर्जन जिलों में 19 स्थानों पर छापा मार कार्यवाही की है। मामला भ्रष्टाचार के दो मामलों से जुड़ा है। छापे की यह कार्यवाही रविवार को की गई है।
ईओडब्ल्यू की यह छापे मारी छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित डीएमएफ और शराब घोटाला की जांच के सिलसिले में की गई है। ईओडब्ल्यू ने दोनों मामले में कुल 19 ठिकानों पर सर्च की कार्यवही की है।
डीएमएफ घोटाला प्रकरण में हरपाल सिंह अरोड़ा और अन्य से जुड़े हुए व्यक्तियों/ठेकेदारों के रायपुर जिले के 4, बिलासपुर 2, सरगुजा 2, कोंडागांव 1, धमतरी 1, बलरामपुर 1, कुल 11 स्थानों पर दबिश दी। इसी तरह शराब घोटाला प्रकरण में जेल में निरुद्ध आरोपी अनिल टुटेजा और निरंजन दास के परिजनों के बिलासपुर जिले में 4, रायपुर 2, दुर्ग 1, बस्तर 1 कुल 8 स्थानों पर कार्रवाई की गई।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने शराब घोटाला और डीएमएफ घोटाले में ईडी और एसीबी-ईओडब्ल्यू को तीन महीने के भीतर फाइनल चालान प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इस कार्यवाही को फाइनल चालान प्रस्तुत करने के पहले की कवायद बताई जा रही है।
मालूम हो कि डीएमएफ घोटाला प्रकरण में ब्यूरो में अपराध क्रमांक 02/2024 धारा 7, 12 भ्रनिअधि 1988 यथासंशोधित 2018 एवं 420, 120बी भादवि तथा शराब घोटाला प्रकरण में अपराध क्रमांक 04/2024 धारा 7, 12 भ्रनिअधि 1988 यथा संशोधित 2018 एवं 420 467, 468, 471, 120 बी भादवि के अंतर्गत मामले पंजीबद्ध हैं।
कारोबारी हरपाल सिंह अरोड़ा और उससे जुड़े ठेकेदारों व व्यक्तियों के यहां टीम ने दबिश दी। इसी तरह पूर्व आयुक्त आबकारी विभाग निरंजन दास के छह रिश्तेदारों के घरों में पहुंचे। इसमें उनके भाई चितरंजन दास के जगदलपुर स्थित निवास में दबिश दी गई।