
EOW Raid रायपुर। छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की टीम ने बड़ी कार्यवाही करते हुए छत्तीसगढ़ के साथ पड़ोसी राज्य झारखंड और बिहार में छापा मार कार्यवाही की। छत्तीसगढ़ में सौम्या चौरसिया और कवासी लखमा के करीबियों के यहां जांच की गई है। छापा रविवार को शुरू हुआ था और आज खत्म हो गया है।
छापे में क्या क्या मिला
छापे की कार्यवाही को लेकर ईओडब्ल्यू की तरफ से अभी कोई अधिकृत बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार ईओडब्ल्यू को जांच में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े कई दस्तावेजी और डिजिटल सबूत मिले हैं, जिनका परीक्षण किया जा रहा है।
शराब के साथ कोयला घोटाला की जांच
ईओडब्ल्यू के अफसरों के अनुसार छापे शराब और कोयला लेवही घोटाला की जांच के सिलसिले में मारे गए हैं। बतादें कि अब तक की जांच में द्गश2 ने पूर्ववर्ती सरकार कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शराब में 3200 करोड़ और कोयला में 540 करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार उजागर करने का दावा किया है।
सौम्या के करीबी जयचंद के ठिकानों पर पहुंचीं
ईओडब्ल्यू ने रविवार को 6 ठिकानों पर छापेमारी की। इसमें पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पीए और मुख्यमंत्री की उप सचिव रही सौम्या चौरसिया के बेहद करीबी माने जाने वाले जयचंद कोसले और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के करीबी अवधेश यादव सहित उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर की गई। जयचंद के जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा में स्थित घर पर भी ईओडब्ल्यू ने दबिश दी है।
औरंगाबाद और पलामू में भी छापा
वहीं, शराब घोटाले मामले में ईओडब्ल्यू eow ने रायपुर में छापा मारा है। रायपुर और जांजगीर-चांपा janjgir के अलावा ईओडब्ल्यू की टीमें बिहार bihar के औरंगाबाद और झारखंड jharkhand के पलामू में भी जांच के लिए पहुंची। प्रारंभिक कार्रवाई में टीम को भारी मात्रा में नकदी, करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज, जेवर और डिजिटल सबूत मिले हैं।
EOW Raid यादव संभालता था सात जिलों में शराब का कारोबार
ईओडब्ल्यू के अनुसार शिव विहार shiv vihar colony कॉलोनी निवासी शराब कारोबारी अवधेश यादव avdhesh Yadav पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के बेहद करीबी रहे। वह बस्तर के सात जिलों में शराब का काम देखते थे। सरकार ने शराब दुकानों में मैनपावर और प्लेसमेंट के लिए निजी कंपनी को ठेका दिया था, लेकिन उसका संचालन अवधेश खुद करता था।
खुलेआम ओवर रेट
अवधेश यादव पर आरोप है कि वह बस्तर में खुलेआम ओवररेट शराब बेचता था। पड़ोसी राज्यों से सस्ती शराब लाकर तस्करी करता और कोचिया सिस्टम के जरिए हर जिले में नेटवर्क चलाता था। यहां तक कि शराब में मिलावट कर सप्लाई करने का भी आरोप है। ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया है कि अवधेश ने इस कारोबार से 200 करोड़ निवेश किया है।
जयचंद पर 50 करोड़ के निवेश का संदेह
जयचंद पर सौम्या के 50 करोड़ निवेश करने का शकईओडब्ल्यू eow की टीम ने रविवार सुबह सहायक खनिज संचालक के पुत्र जयचंद कोसले के रायपुर और अकलतरा स्थित घरों पर भी दबिश दी। देर रात तक कार्रवाई जारी रही। जयचंद लंबे समय से जांच एजेंसी की निगरानी में था। वह पूर्व सीएम की उप सचिव सौम्या चौरसिया का करीबी माना जाता है।
जांच में यह भी सामने आया कि अवैध कोयला परिवहन से मिलने वाला पैसा जयचंद के जरिए सौम्या तक पहुंचता था। जयचंद ने ही सौम्या का लगभग 50 करोड़ निवेश किया था। उसे खुद भी इस कारोबार से 10 करोड़ से ज्यादा की कमाई हुई। उसने रायपुर के सेजबहार कॉलोनी में आलीशान मकान और अकलतरा के अंबेडकर चौक के पास पैतृक घर सहित करोड़ों की संपत्ति खड़ी की है। जयचंद से ईडी भी कई बार पूछताछ कर चुकी है।



