
EPFO न्यूज डेस्क। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में सोमवार को ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड Central Board of Trustees की 238वीं बैठक हुई। इसमें ईपीएफओ सदस्यों के जीवन को सुगम बनाने के लिए बोर्ड ने 13 जटिल प्रविधानों को सिर्फ एक सुव्यवस्थित नियम में बदलकर आंशिक निकासी Partial Withdrawal को केवल तीन श्रेणियों आवश्यक जरूरतें (बीमारी, शिक्षा व विवाह), आवास की जरूरतें और विशेष परिस्थितियों में वर्गीकृत कर दिया है। अब ईपीएफ सदस्य कर्मचारी और नियोक्ता employer दोनों के हिस्से सहित भविष्य निधि Provident Fund में न्यूतनम अनिवार्य राशि को छोड़कर शेष पूरी रकम निकाल सकेंगे।
शिक्षा के लिए 10 बार और विवाह के नाम पर 5 बार निकासी
अब शिक्षा के लिए 10 बार तक और विवाह के लिए पांच बार तक निकासी की अनुमति होगी। वर्तमान में अधिकतम तीन बार ही आंशिक निकासी की छूट है। इसके साथ ही सभी श्रेणियों में आंशिक निकासी के लिए न्यूनतम सेवा की आवश्यकता को घटाकर सिर्फ 12 माह कर दिया गया है। साथ ही ईपीएफओ सदस्यों को अपने खाते में योगदान का 25 प्रतिशत न्यूनतम अनिवार्य राशि के रूप में हमेशा रखना होगा, ताकि सदस्यों के पास पर्याप्त सेवानिवृत्ति कोष retirement fund बना रहे।
EPFO अभी बहुत कठिन है निकासी
श्रम मंत्रालय Ministry of Labour के मुताबिक, इससे पहले ‘विशेष परिस्थितियों’ special circumstances के तहत आंशिक निकासी के लिए कारण बताना होता था और उनके दावों को अक्सर खारिज कर दिया जाता था, जिसे लेकर काफी शिकायतें थीं।
बिना कारण भी निकासी
अब इस श्रेणी में बिना कोई कारण बताए निकासी के लिए आवेदन किया जा सकेगा। बोर्ड ने ईपीएफ EPF के समयपूर्व अंतिम निपटान का लाभ उठाने की अवधि को मौजूदा दो महीने से बढ़ाकर 12 महीने और अंतिम पेंशन निकासी Pension Withdrawal की अवधि को दो महीने से बढ़ाकर 36 महीने करने का भी निर्णय लिया है। आंशिक निकासी के उदारीकरण से सदस्य अपनी सेवानिवृत्ति की बचत या पेंशन अधिकार से समझौता किए बिना तत्काल वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा कर सकेंगे।
पोस्ट ऑफिस के जरिये जीवन प्रमाण पत्र
बोर्ड ने पेंशनभोगियों pensioners को 50 रुपए प्रति प्रमाण-पत्र की दर से घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र प्रदान करने के लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स India Post Payments बैंक (IPPB) के साथ MoU को मंजूरी दे दी है। उसका पूरा खर्च ईपीएफओ उठाएगा। इस पहल से विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनभोगी IPPB के व्यापक पोस्टल नेटवर्क Postal Network के जरिये घर बैठे अपना जीवन प्रमाण-पत्र life certificate निःशुल्क जमा कर सकेंगे।
EPFO सेवाओं का आधुनिकीकरण
ईपीएफओ 3.0 को मंजूरी ईपीएफओ 3.0 के तहत केंद्रीय न्यासी बोर्ड Central Board of Trustees ने भविष्य निधि सेवाओं के आधुनिकीकरण modernization के लिए सदस्य केंद्रित डिजिटल परिवर्तन ढांचे को मंजूरी दी है। इस हाइब्रिड डिजाइन Hybrid Design में आजमाए हुए कोर बैंकिंग तरीकों समेत आधुनिक तकनीकों modern technologies को समाहित किया जाएगा। इससे दावे एवं तत्काल निकासी जैसी सेवाएं तेज होंगी।
मुकदमेबाजी घटाने के लिए ‘विश्वास योजना’
ईपीएफओ ने दंडात्मक क्षतिपूर्ति punitive damages के कारण मुकदमेबाजी कम करने के लिए विश्वास योजना’ भी शुरू की है। श्रम मंत्रालय ने बताया कि मुकदमेबाजी का एक प्रमुख कारण PF बकाया राशि के विलंबित भुगतान के लिए हर्जाना लगाया जाना है। मई, 2025 तक हाई कोर्ट, सीजीआईटी CGIT और सुप्रीम कोर्ट Supreme Court सहित विभिन्न मंचों पर 6,000 से अधिक मामले लंबित हैं। और बकाया दंडात्मक क्षतिपूर्ति 2,406 करोड़ रुपये है। इनके अलावा ईपीएफओ ई-कार्यवाही पोर्टल e-Proceedings Portal पर भी 21,000 संभावित मुकदमे लंबित हैं। ‘विश्वास योजना’ Vishwas Scheme के तहत दंडात्मक क्षतिपूर्ति punitive damages की दर घटाकर एक प्रतिशत प्रति माह कर दी जाएगी। यह योजना छह महीने लागू रहेगी और छह माह आगे बढ़ाई जा सकेगी। विश्वास योजना के तहत अनुपालन की स्थिति में सभी लंबित मामले समाप्त हो जाएंगे।




