कर्मचारी हलचल

EPFO और  ESIC पर केंद्रीय श्रम मंत्री का बड़ा बयान: मंडाविया बोले- न्‍यूनतम पेंशन बढ़ाने पर जल्‍द होगा फैसला

EPFO  न्‍यूज डेस्‍क। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार को कहा कि श्रम और रोज़गार मंत्रालय जल्द ही एम्प्लॉइज़ प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइज़ेशन (EPFO) और एम्प्लॉइज़ स्टेट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (ESIC) के तहत वेतन सीमा बढ़ाने, न्यूनतम वेतन तय करने और एम्प्लॉइज़ पेंशन स्कीम, 1995 (EPS) के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाने पर फैसला लेगा।

ओडिशा के पुरी में आयोजित भारतीय मजदूर संघ (BMS) के 21वें अखिल भारतीय त्रैवार्षिक सम्मेलन में बोलते हुए, मंडाविया ने कहा कि इन मुद्दों को केंद्र के साथ हाल की बैठकों में उठाया गया था और श्रमिकों के हित में इनकी जांच की जाएगी।

अभी, EPFO ​​की वेज सीलिंग ₹15,000 प्रति महीना है, जबकि ESIC के लिए यह लिमिट ₹21,000 है। वहीं, EPS के लिए न्‍यूनतम पेंशन ₹1,000 प्रति महीना है।

बढ़ा सोशल सिक्योरिटी कवरेज

भारत में सोशल सिक्योरिटी कवरेज बढ़कर 64.3 प्रतिशत हो गया, जो एक दशक पहले 19 प्रतिशत था। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार, EPFO ​​के सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ ट्रस्टीज़ (CBT) ने हाल की कई मीटिंग्स में EPFO ​​और ESIC के लिए मिनिमम वेज सीलिंग बढ़ाने के मुद्दे पर चर्चा की है, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। ट्रेड यूनियन और इंडस्ट्री के प्रतिनिधि इस बात पर अलग-अलग सुझाव दे रहे हैं कि नई सीलिंग क्या होनी चाहिए।

इंडस्ट्री और मज़दूरों के बीच टकराव नुकसानदायक

मंडाविया ने कहा कि इंडस्ट्री और मज़दूरों के बीच टकराव देश के विकास के लिए नुकसानदायक है और उन्होंने मज़दूरों के कल्याण के लिए सहयोग की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि लेबर कोड इंडस्ट्री और यूनियनों के बीच तालमेल को बढ़ावा देंगे। उन्होंने आगे कहा कि नए कोड यह भी सुनिश्चित करेंगे कि पुरुषों और महिलाओं को समान वेतन मिले और वेतन में भेदभाव खत्म हो।

सोशल सिक्योरिटी कोड

सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020 देश में सोशल सिक्योरिटी कवरेज के लिए नए प्रावधान बताता है, जो नौ पुराने लेबर कानूनों की जगह लेता है। वेज कोड, 2019 कहता है कि केंद्र सरकार एक नेशनल फ्लोर वेज तय करेगी जो सभी राज्यों में समान रूप से लागू होगा, लेकिन राज्य द्वारा अभी तक एक थ्रेशहोल्ड नोटिफाई नहीं किया गया है।

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