
Excellence Award रायपुर। Chhattisgarh गुड गवर्नेंस Good Governance कागजों पर नहीं, बल्कि जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव और अधिकारियों के काम-काज में दिखना चाहिए। Chief Minister विष्णु देव साय ने शनिवार को राजधानी नवा रायपुर में आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार Chief Minister’s Excellence Award 2025-26 कार्यक्रम को सम्बोधित करतेभुए यह बात कही।
5 विभाग व 5 जिलों को मिला पुरस्कार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग Good Governance and Convergence Department की तरफ से आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 में सुशासन व नवाचारों के लिए 5 विभागों और 5 जिलों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया।
ई-प्रगति पोर्टल का किया शुभारंभ
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने ई-प्रगति पोर्टल e-Pragati portal का भी शुभारंभ किया, जिसके माध्यम से अब छत्तीसगढ़ के सभी विभागों के 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों की निगरानी की जाएगी। इस portal पोर्टल के माध्यम से निर्माण की मंजूरी से लेकर बजट, मजदूरी, भुगतान, एमआईएस MIS, स्ट्रक्चर लेवल सहित सभी पहलुओं की मुख्यमंत्री कार्यालय मॉनिटरिंग करेगा।

जिला श्रेणी के विजेता नवाचार
दंतेवाड़ा का भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण
दंतेवाड़ा जिले की ब्लॉकचेन Blockchain आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण Record digitization पहल एक प्रमुख उदाहरण के रूप में सामने आई। इस नवाचार के माध्यम से मैनुअल और कागजी प्रक्रियाओं को समाप्त कर ब्लॉकचेन आधारित छेड़छाड़-रोधी प्रणाली लागू की गई, जिससे भूमि अभिलेख प्राप्त करने का समय हफ्तों से घटाकर कुछ ही मिनटों में संभव हो सका। इस पहल से दस्तावेज़ी धोखाधड़ी पूरी तरह समाप्त हुई और सेवा प्रदाय में अभूतपूर्व तेजी आई, जिसने आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में राजस्व प्रशासन के लिए एक नया मानक स्थापित किया।
निर्माण जशपुर
जशपुर जिले की निर्माण जशपुर Construction Jashpur पहल ने यह दर्शाया कि एकीकृत डिजिटल मॉनिटरिंग किस प्रकार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी बना सकती है। 16 विभागों की 7,300 से अधिक परियोजनाओं और 444 ग्राम पंचायतों को कवर करने वाली इस प्रणाली ने रियल-टाइम निगरानी, जियो-टैग्ड सत्यापन Geo-tagged verification और जीआईएस आधारित योजना को संभव बनाया, जिससे कार्यों की गुणवत्ता में सुधार हुआ और विलंब में उल्लेखनीय कमी आई।
टेक-होम राशन
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में लागू संवर्धित टेक-होम राशन Take-home rations नवाचार ने गंभीर कुपोषण जैसी चुनौती का प्रभावी समाधान प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से विकसित इस पोषण-घन आहार nutrition-dense diet के माध्यम से गंभीर कुपोषित बच्चों में 77.5 प्रतिशत सुधार दर दर्ज की गई। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि साक्ष्य-आधारित पोषण हस्तक्षेप बड़े पैमाने पर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।
हाथी ट्रैकिंग एवं अलर्ट ऐप
गरियाबंद जिले की हाथी ट्रैकिंग एवं अलर्ट ऐप Elephant Tracking and Alert App ने मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में तकनीक की भूमिका को सशक्त रूप से सामने रखा। एआई आधारित ट्रैकिंग AI-based tracking और रियल-टाइम अलर्ट व्यवस्था के माध्यम से मानव हताहतों की संख्या लगभग शून्य तक लाई गई, साथ ही फसल क्षति Crop damage और मुआवजा बोझ में भी उल्लेखनीय कमी आई। इस तकनीक को छत्तीसगढ़ से बाहर भी अपनाया जा चुका है।
इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल
नारायणपुर जिले का इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल Identify Intelligence Tool आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में डेटा एकीकरण data integration की उपयोगिता को दर्शाता है। रियल-टाइम real time, जियो-स्पेशियल और पूर्वानुमान आधारित इस प्लेटफॉर्म Platform के माध्यम से 100 से अधिक नियोजित अभियानों का संचालन संभव हुआ, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर हुआ और वामपंथी उग्रवाद Left-wing extremism प्रभावित क्षेत्रों में परिस्थितिजन्य जागरूकता को मजबूती मिली।

विभागीय श्रेणी के विजेता नवाचार
शिक्षा विभाग
इसी तरह विभागीय श्रेणी में शिक्षा विभाग का विद्या समीक्षा केंद्र Education Review Center डेटा-आधारित शिक्षा शासन का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा। यह एआई सक्षम प्लेटफॉर्म AI-enabled platform 56,000 से अधिक विद्यालयों, 2.83 लाख शिक्षकों और 57.5 लाख विद्यार्थियों की निगरानी करता है, जिससे ड्रॉपआउट drop out की प्रारंभिक पहचान, संसाधनों का बेहतर उपयोग और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेना संभव हो सका है।
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम One-click single window system ने व्यवसाय सुगमता सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। 16 विभागों की 136 सेवाओं को एकीकृत करते हुए इस प्रणाली ने अनुमोदन, प्रोत्साहन Incentive, शिकायत निवारण और निरीक्षण प्रक्रियाओं को सरल बनाया, जिससे विलंब कम हुआ और पारदर्शिता Transparency के साथ निवेशकों का विश्वास बढ़ा।
वाणिज्य कर
वाणिज्य कर (आबकारी) विभाग की समग्र ई-गवर्नेंस E-governance सुधार पहल ने राजस्व संग्रह revenue collection और अनुपालन व्यवस्था को सुदृढ़ किया। एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण End-to-end digitization, ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली और रियल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से विभाग ने 5,425 रुपए करोड़ का राजस्व अर्जित किया और पारदर्शिता तथा नियामक निगरानी के नए मानक स्थापित किए।
वन एवं जलवायु परिवर्तन
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की एफडीएस 2.0 – ई-कुबेर डिजिटल E-Kuber Digital भुगतान प्रणाली ने मैनुअल चेक आधारित प्रक्रियाओं को समाप्त कर पूर्णत: कैशलेस, एकीकृत भुगतान व्यवस्था Integrated payment system लागू की। इसके माध्यम से 1,776 करोड़ से अधिक के 18 लाख लेन-देन पूर्ण हुए, जिससे दूरस्थ और नक्सल प्रभावित Left-wing extremism वन क्षेत्रों में भी समय पर मजदूरी भुगतान, आजीविका सुरक्षा और पारदर्शी फंड प्रवाह सुनिश्चित हुआ।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा MANREGA अंतर्गत लागू क्यूआर कोड आधारित सूचना स्वप्रकटीकरण व्यवस्था ने नागरिक-केंद्रित शासन को नई मजबूती दी। QR code के माध्यम से ग्रामीणों को वास्तविक समय की योजना जानकारी उपलब्ध कराकर इस पहल ने मध्यस्थों पर निर्भरता कम की और 11,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता को सुदृढ़ किया।
कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत ने दिया तथा धन्यवाद ज्ञापन संयुक्त सचिव मयंक अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर डीजीपी अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, एससीएस गृह मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के संचालक रजत बंसल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।







